संवाद न्यूज एजेंसी
छपरौली। कस्बे की जैन धर्मशाला में 108 ज्ञानानंद महाराज, शिवानंद महाराज, प्रशमानन्द महाराज के सानिध्य में श्रीजी का अभिषेक और शांतिधारा कराई गई। प्रवचन में प्रशमानंद महाराज ने कहा कि तप करने से मन में प्रसन्नता रहती है और मनुष्य की चेतना निखरती है।
पंचकल्याणक में कुबेर इंद्र की भूमिका निभाने वाले राजीव जैन सराफ को श्री जी की शांतिधारा करने का सौभाग्य मिला। पंडित मनोज शास्त्री के निर्देशन में श्रद्धालुओं ने श्रीजी को अर्घ्य चढ़ाए। प्रशमानंद महाराज ने प्रवचन करते हुए कहा कि जीवन में दुख का मुख्य कारण मन में आशा और तृष्णा का भाव है। तप करने से आशा और तृष्णा का भाव समाप्त हो जाता है। उन्होंने कहा कि किसी के कटु शब्दों को नजर अंदाज करना भी तप ही है। समिति के अध्यक्ष प्रदुमन जैन और मीडिया प्रभारी अमित जैन ने बताया कि बृहस्पतिवार से पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव शुरू हो रहा है। पंचकल्याणक महोत्सव के शुभारंभ पर सुबह सात बजे घट यात्रा निकालकर झंडारोहण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा। इस मौके पर पीयूष जैन, राजेश जैन, जिनेंद्र जैन, राकेश जैन, अंकित जैन, राहुल जैन और समाज की महिलाएं मौजूद रहे।