बागपत। हिंडन नदी के पानी के तेज बहाव के कारण झुंडपुर गांव में छह माह पहले बनाया गया अस्थाई पुल बह गया है। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को अपने खेतों में जाने के लिए मेरठ जिले के पारसी गांव में बने पुल या फिर हिंडन नदी के पानी में घुसकर जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सांसद व प्रशासन से गांव में नदी पर स्थाई पुल बनाने की मांग की है।
झुंडपुर गांव के ग्रामीणों की हिंडन नदी के दूसरी तरफ करीब 600 बीघा जमीन है। उन्होंने खेतों में ज्वार, गन्ना आदि की फसल बोई हुई है। ग्रामीण पहले अपने खेतों में हिंडन नदी के अंदर से होकर जाते थे। क्योंकि पहले पानी काफी कम रहता था और जब पानी अधिक आता था तो वह कुछ दिन मेें ही कम हो जाता था। पिछले दो साल से हिंडन नदी में अधिक पानी आने लगा तो ग्रामीणों ने 14 लाख रुपये का चंदा एकत्र कर अस्थायी पुल बनाया था। इसके बाद ग्रामीणों की परेशानी कम हो गई थी।
ग्रामीण ट्रैक्टर व अन्य वाहन लेकर पुल से जाने लगे। अगस्त में हिंडन नदी में अधिक पानी आ गया। इससे तेज बहाव के कारण पुल बह गया और ग्रामीणों को खेतों में जाने में परेशानी हो रही है। अभी नदी में पानी अधिक है, जिससे वह खेतों में नहीं जा पा रहे हैं। ऐसे में ग्रामीणों को 20 किलो मीटर दूर पारसी गांव में बने पुल से होकर खेतों में जाना पड़ रहा है। किसी को तैरना आता है तो वह पानी से होकर खेतों में चला जाता है।
- पुल बनाने की मांग कर चुके हैं ग्रामीण
ग्रामीण कई वर्षों से गांव में पुल बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन न अधिकारी न ही जनप्रतिनिधियों ने इस तरफ ध्यान दिया। इससे परेशान होकर खुद ही ग्रामीणों ने अस्थायी पुल बनाया था। पुल बह जाने के बाद ग्रामीणों ने सांसद व डीएम को पत्र लिखकर स्थायी पुल बनाने की मांग की है।
- ग्रामीण कई बार अपनी जान जोखिम में डालकर हिंडन नदी के पानी के अंदर घुसकर खेतों में चले जाते हैं। मगर पानी अधिक होने पर नदी के बीच से नहीं जा सकते हैं। प्रशासन भी पुल बनाने की तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। ऐसे में हमारे सामने समस्या हो रही है। - यशपाल सिंह
- ग्रामीणों ने चंदा एकत्र करके छह माह पहले अस्थायी पुल बनाया था, लेकिन इस बार पानी का बहाव तेज होने के कारण पुल बह गया है। ऐसे में कई दिन से किसान अपने खेतों में नहीं जा पा रहे है। प्रशासन से पुल बनाने की गुहार लगाई है। - वेदपाल प्रधान
- ग्रामीणों को अब खेतों में जाने के लिए 20 किमी का चक्कर लगाना पड़ रहा है। ऐसे में आने जाने में दिक्कत हो रही है। नदी का पानी कम होने के बाद ही ग्रामीण अपने खेतों में जा सकेंगे। - विनोद देशवाल
- वर्जन - पुल ग्रामीणों ने अपनी सुविधा के अनुसार खुद बनवाया हुआ था। ग्रामीणों की मांग पर पुल को लेकर सर्वे कराया जाएगा। सर्वे के आधार पर फैसला लिया जाएगा। - अतुल कुमार, एक्सईएन लोनिवि