बागपत। एक ईंट भट्ठे से किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाने के बाद दुष्कर्म करने वाले युवक को न्यायालय ने दस साल और उसका साथ देने वाली पत्नी को चार साल की सजा सुनाई गई।
विशेष लोक अभियोजक नरेन्द्र पंवार व नरेश वेदवान ने बताया कि बागपत कोतवाली क्षेत्र के एक ईंट भट्ठे पर रहने वाले मजदूर ने 22 जून 2017 को मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने ईंट भट्ठे पर काम करने वाली रेशमा पर नाबालिग बेटी को बहला फुसलाकर ले जाने के बाद अपने पति खालिद के पास छोड़ने का आरोप लगाया। जिसके बाद खालिद ने किशोरी के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद खालिद व रेशमा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और आरोपपत्र दाखिल कर दिया। उन्होंने बताया कि मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश पंचम सुशील कुमार के न्यायालय में हुई। अभियोजन पक्ष की तरफ से छह गवाह पेश किए गए। जिसमें दंपति पर सोमवार को दोष सिद्ध हो गया था। इसके बाद मंगलवार को न्यायाधीश ने खालिद को दस साल की सजा सुनाते हुए 12 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा रेशमा को चार साल की सजा सुनाई और दो हजार रुपये अर्थदंड लगाया।