बड़ौत। बाजारों में फर्जी प्रकाशकों की भरमार पर आखिरकार शिक्षा विभाग के अफसरों में नींद टूटी है। विभागीय अफसरों से मामले को गंभीरता से लेते हुए छह सदस्यों की टीम गठित की है। जो पुस्तक विक्रेताओं के यहां पर छापामार कर इसकी रिपोर्ट डीएम और डीआईओएस को सौंपेगी।
तीन अगस्त को छात्र-छात्राओं की समस्याओं को देखते हुए अमर उजाला ने बाजारों मेें फर्जी प्रकाशकों की पुस्तकों की भरमार की खबर प्रमुखता से प्रकाशित किया था। यह मामला लखनऊ तक गूंजा था। साथ ही आरटीआई के तहत पवन तिवारी एडवोकेट ने भी शिक्षा विभाग से सूचना के अधिकार में सूचना मांगी थी। मामले को देखते हुए शिक्षा विभाग इसकी जांच के लिए छह सदस्यों की एक टीम गठित की है।
डीआईओएस रविंद्र कुमार ने बताया कि गठित टीम में राजकीय हाईस्कूल अहेड़ा बागपत के प्रधानाचार्य रामनिवास, राजकीय हाईस्कूल गौना के प्रधानाचार्य ज्वाला प्रसाद, राजकीय हाईस्कूल तिलपनी की प्रधानाचार्य बीना सिंह, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज बड़ौत की प्रधानाचार्या सुशीला, राजकीय हाईस्कूल सूप की प्रधानाचार्या संजू, राजकीय हाईस्कूल मवीकलां की प्रधानाचार्या विमलेश शामिल हैं। सभी को निर्देशित किया है कि जांच पूरी कर इसकी रिपोर्ट डीएम व डीआईओएस कार्यालय पर भेजी जाए। ताकि फर्जी प्रकाशकों की पुस्तकों की ब्रिकी करने वालों पर कार्रवाई की जा सके।