बागपत। दस पशुओं में लंपी रोग के लक्षण मिले हैं। पशुपालन विभाग की टीम ने उन पशुओं के सैंपल लेकर जांच के लिए आरवीआरआई लैब बरेली में भेजे हैं। पशुओं में बीमारी के लक्षण मिलने पर पशुपालन विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। पशु चिकित्सकों को अपने-अपने क्षेत्र में पशुओं की निगरानी करने और पशुपालकों को जागरुक करने के निर्देश दिए हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि लंपी स्किन डिजीज गोवंश एवं भैंसों में फैलने वाला वायरस जनित रोग है। इस बीमारी में पशुओं के शरीर पर गांठें बन जाती हैं और बाद में घाव बन जाते हैं। पशु को तेज बुखार आना, नाक व मुंह से पानी का गिरना, भूख कम लगना भी बीमारी के लक्षण है। बीमारी होने पर पशु चारा कम खाना शुरू कर देता है। बीमारी के फैलाने का सबसे मुख्य कारण मक्खी, मच्छर हैं। इनके अलावा पशुओं की लार, दूषित चारा और दूषित पानी से भी बीमारी फैलती है।
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टीम गठित, घर-घर जाकर करेंगी जागरूक
बिनौली में दस पशुओं में लंपी रोग के लक्षण मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने ब्लॉक में टीम गठित कर दी है। टीम घर-घर जाकर पशुपालकों को बीमारी के लक्षण के बारे में जागरूक करेंगी। इसके अलावा विभाग की ओर से चिकित्सकों को अन्य ब्लॉक में भी निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। किसी भी पशु में बीमारी के लक्षण मिलने पर तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए हैं। विभाग की ओर से जल्द की कैंप लगाकर पशुपालकों को बीमारी के बारे में जागरूक किया जाएगा।
बीमारी होने पर क्या करें
- पशुपालक अपने बीमार गोवंश को बाहर चराने के लिए न लेकर जाएं।
- बीमार पशुओं को अन्य पशुओं से अलग रखें।
- बीमारी होने पर पशु चिकित्सक से संपर्क करें।
- पशुओं के बाड़े को साफ सुथरा रखें।
- मच्छर और मक्खी रोधी दवा का छिडक़ाव करें
- पशुओं के पास नीम और गूगल की पत्तियों का धुआं करें।
- पशुओं में लक्षण दिखने पर बुखार की दवा दें।
- पशुओं को फिटकरी से दिन में दो बार नहलाएं।
कोट...
- बिनौली ब्लॉक में दस पशुओं में लंपी रोग के लक्षण मिले है। ब्लॉक में टीम गठित कर दी है जो घर-घर जाकर पशुपालकों को जागरुक कर रही है। जिले के पशु चिकित्सकों को अलर्ट कर दिया है। बीमारी के लक्षण मिलने पर तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए है। - डॉ. रमेश चंद्र, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी।