बागपत। स्वच्छ भारत मिशन फेज-2 में चयनित गांवों में स्वच्छता की मुहीम चलाने के लिए करोड़ों की कार्ययोजना पर अफसरों ने शुक्रवार को मंथन किया। जिसमें हर ब्लाक के एक गांव की कार्ययोजना निदेशालय में प्रस्तुत की गई। मंथन के उपरांत निदेशालय के अफसरों ने कुछ संसोधन कर 126 गांवों की करोड़ों रुपये की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
स्वच्छ भारत मिशन के फेज-1 में जिले की सभी ग्राम पंचायतों में शौचालयों के साथ सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया। इसके उपरांत स्वच्छ भारत मिशन फेज-2 में ठोस-तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर बड़े पैमाने पर काम कराया गया। फेज-2 में 118 गांवों का चयन कर करोड़ों रुपये बजट से गांवाें को ठोस एवं तरल अपशिष्ट मुक्त बनाया गया। स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए प्रधान, सचिव व पंचायत सहायकों को प्रशिक्षित किया गया। जिसके बाद बाकी बचे 126 गांवों को फेज-2 में शामिल किया गया। जिनकी करीब 13 करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। डीपीआरओ अरूण अत्री ने बताया कि शुक्रवार को स्वच्छ भारत मिशन फेज-2 में चयनित गांवों की कार्ययोजना का प्रस्तुतिकरण किया गया। जिसमें हर ब्लाक के एक गांव की कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। निदेशालय के अधिकारियों ने पांच छह संसोधन बताये हैं, उन्हें ठीक कर सभी गांवों की कार्ययोजना पूर्ण करा दी जाएगी।
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इन गांवों की कार्ययोजना की गई प्रस्तुत
बागपत ब्लाक से अहमदशाहपुर पदड़ा, खेकड़ा से हरचंदपुर, छपरौली ब्लाक से सोंटी, बिनौली से फौलादनगर, बड़ौत से अंगदपुर और पिलाना ब्लाक से हरियाखेड़ा गांव की कार्ययोजना निदेशालय में प्रस्तुत की गई।