बड़ौत। कागजों में थ्रेसिंग फ्लोर बनाकर लाखों रुपये हड़पने के मामले में निलंबित होने के बावजूद सहायक विकास अधिकारी कृषि के पद पर तैनात रहा कर्मचारी अन्य कर्मचारियों को चार्ज नहीं दे रहा है। इससे जहां विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वहीं शिकायतकर्ता ने और भी गबन की आंशका जताते हुए संयुक्त कृषि निदेशक मेरठ से शिकायत की है।
अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित खबर ''कागजों में थ्रेसिंग फ्लोर निर्माण में गड़बड़ी'' की डीएम जितेन्द्र प्रताप सिंह ने भूमि संरक्षण के अवर अभियंता कुलदीप कुमार और कृषि विभाग से वरिष्ठ प्राविधिक सहायक लिपिक अंकुर से जांच कराई थी। जांच में मुकंदपुर गांव में मौके पर थ्रेसिंग फ्लोर का निर्माण नहीं मिला। जिसके बाद डीएम ने फिर से मामले की जांच कराने के लिए जिला कृषि अधिकारी बाल गोविंद यादव, जिला उद्यान अधिकारी विनोद कुमार अरुण और कृषि विभाग के अवर अभियंता संदीप को जांच सौंपी थी।
इस जांच टीम को भी जांच के दौरान मुकंदपुर गांव में थ्रेंसिग फ्लोर नहीं मिला और अन्य गांवों में थ्रेसिंग फ्लोर निर्माण मानक के अनुरूप नहीं मिला। बाद में उप कृषि निदेशक दुर्विजय सिंह की संस्तुति पर संयुक्त कृषि निदेशक मेरठ डाॅ. अमरनाथ मिश्रा ने आरोपी सहायक विकास अधिकारी कृषि छपरौली महेश खोखर निवासी मुकंदपुर को सस्पेंड कर दिया गया। सहायक विकास अधिकारी कृषि बड़ौत तेजपाल चौहान को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, लेकिन निलंबित होने के बावजूद अभी तक प्रभारी राजकीय कृषि बीज भंडार छपरौली पर तैनात किए गए योगेश कुमार को भी कृषि बीज भंडार का चार्ज नहीं दे रहा है। इससे विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
इसके अलावा सहायक विकास अधिकारी कृषि बड़ौत तेजपाल चौहान को भी चार्ज नहीं दिया गया है। वहीं शिकायतकर्ता लोकेश ने संयुक्त कृषि निदेशक मेरठ से कृषि बीज भंडार छपरौली पर निलंबित कर्मचारी महेश खोखर द्वारा बीज व कृषि सामग्री में गबन करने की शिकायत की है।
वर्जन
निलंबित सहायक विकास अधिकारी कृषि महेश खोखर को चार्ज देने के लिए कहा गया है, ताकि विभागीय कार्य प्रभावित न हो। वे चार्ज नहीं दे रहे हैं तो मामला गंभीर है। मामले की जांच कर विभागीय कार्रवाई कराई जाएगी। - दुर्विजय सिंह उप कृषि निदेशक बागपत।