बड़ौत। दिगम्बर जैनाचार्य विशुद्धसागर ने कहा कि मार्ग पर चलना कठिन नहीं है, लेकिन निर्णय करना कठिन है। इसलिए सोच समझकर निर्णय लेने से ही सफलता प्राप्त होती है।
जैनमुनि ऋषभदेव सभागार में आयोजित धर्मसभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि संकल्प करना कठिन है, दृढ़ता कठिन है, लक्ष्य के प्रति एकाग्रता कठिन है। विपत्तियां आ सकती हैं, संकट आ सकते हैं, विघ्न-बाधाएं हो सकती हैं, परन्तु जो दृढ़ है वह संकटों में दुःखी नहीं होता, अपितु दृढ़ता के साथ उत्साह पूर्वक लक्ष्य की ओर बढ़ता है। आगे बढ़ने वाले ही मंजिल प्राप्त कर पाते हैं। सही निर्णय करो, सही राह पर चलो। जीवन में ऊंचाइयां प्राप्त करना है तो सहन करना सीखो। उचित निर्णय करना सीखो। सही निर्णय के बिना लक्ष्य नहीं मिलता। श्रमशील बनो, आलस छोड़ो। गुरुओं की सेवा से ज्ञान की वृद्धि होती है। जो गुरुओं की सेवा करता है, उसे शीघ्र ही लोक में प्रसिद्धि प्राप्त होती है। सभा का संचालन पीयूष जैन ने किया। सभा में अतुल जैन, मनोज जैन, सुनील जैन, आनंद जैन, सुभाष जैन, वरदान जैन, वीरसेन जैन शामिल रहे।