बागपत, बड़ौत। इंटरमीडिएट पास करने वाले छात्र-छात्राएं करिअर को लेकर अधिक चिंतित है। नतीजन विवि से संबद्ध कॉलेजों में परंपरागत कोर्स करने की बजाय व्यावसायिक कोर्सों की ओर रुख कर रहे हैं। जिस कारण अभी भी इन काॅलेजों में 30 फीसदी सीटें खाली पड़ी है।
जनपद में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से तकरीबन 21 से अधिक कॉलेज संबद्ध है। बता दें कि विवि ने 18 जुलाई को पहली, दो अगस्त को दूसरी वरीयता सूची जारी की थी। इसके बाद नौ अगस्त को ओपन मेरिट भी जारी कर दी गई, जिसके तहत 10 अगस्त तक दाखिले लॉक किए गए, लेकिन फिर भी कॉलेजों की सीटें खाली रह गई थी। फिलहाल विवि ने कुछ दिन पहले फिर से दूसरी ओपन मेरिट जारी की है, लेकिन फिर भी 30 फीसदी सीटें खाली पड़ी है, क्योंकि छात्र परंपरागत कोर्स की बजाए व्यावसायिक कोर्स की ओर रुझान कर रहे हैं। इसलिए छात्र दिल्ली, सोनीपत आदि जगहों पर संचालित कॉलेजों में दाखिला ले रहे है।
- ये बोले छात्र
व्यापारिक कोर्स करने के बाद युवाओं को नौकरी के लिए अधिक भटकना नहीं पड़ता है। वहीं व्यापारिक कोर्स करने के बाद कॉलेज स्तर पर आयोजित होने वाले रोजगार मेले में आसानी से प्लेसमेंट हो जाता है। - प्रिया
यह बात सही है कि रोजगार को लेकर युवा चिंतित हैं। इस कारण व्यावसायिक कोर्सों की ओर युवा रुख कर रहे हैं। हालांकि बीए, बीएससी की बात करें तो स्थिति बहुत अच्छी नहीं। छात्रों ने कॉलेजों में व्यावसायिक कोर्स की मांग की। - लवी उज्जवल
वर्जन -
पहली, दूसरी व ओपन मेरिट के बाद सीटें खाली रहने पर फिर से ओपन मेरिट जारी की गई, ताकि सीटों को भरा जा सके। लगातार छात्रों से बातचीत कर उन्हें जागरूक जा रहा है। - प्राचार्य डाॅ. वीरेंद्र सिंह दिगंबर जैन डिग्री कॉलेज