-बिना अनुमति महिला शौचालय कॉम्प्लेक्स तुड़वाने पर सीज किए गए थे प्रधान के अधिकार
-दस लाख रुपये से पंचायत घर का निर्माण और स्वच्छ भारत मिशन पर होगा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। तिलवाड़ा गांव में पिछले छह महीने से रुका विकास का पहिया अब फिर से घूमेगा। ग्राम पंचायत के बजट से विकास कार्य कराए जाएंगे। उच्च न्यायालय से स्टे मिलने के बाद पंचायत निधि से विकास कार्य कराने के लिए प्रस्ताव भी तैयार किये जा रहे हैं।
तिलवाड़ा गांव में बने महिला शौचालय कॉम्प्लेक्स को ध्वस्त कराने के मामले में डीएम ने नवंबर 2022 में ग्राम प्रधान मंजू पर कार्रवाई कर दी थी। इसमें डीएम ने मंजू के अधिकार सीज कर दिए गए थे। इसके अलावा तिलवाड़ा ग्राम पंचायत का चयन स्वच्छ भारत मिशन में भी कर लिया गया था। ग्राम प्रधान के अधिकार सीज होने के बाद पंचायतघर का निर्माण कार्य समेत अन्य विकास कार्य अधूरे रह गए थे। बाद में प्रधान ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और उच्च न्यायालय ने ग्राम प्रधान मंजू को राहत देते हुए स्टे दे दिया। इसके चलते पंचायत निधि में शेष दस लाख रुपये से स्वच्छ भारत मिशन और अधूरे पड़े पंचायतघर का निर्माण समेत अन्य विकास कार्यों को पूरा कराया जाएगा।
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स्वच्छ भारत मिशन पर खर्च होंगे आठ लाख
तिलवाड़ा ग्राम पंचायत का चयन स्वच्छ भारत मिशन में होने के बाद ग्राम प्रधान को प्रशिक्षण भी दिया गया। इसके तहत गांव में शॉकपिट निर्माण करने, आरआरसी सेंटर का निर्माण, कूड़ा एकत्रित करने के लिए ई-रिक्शा खरदीने समेत अन्य कार्यों के लिए आठ लाख रुपये का बजट भी आवंटित हो चुका है।
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वर्जन-
अधिकार सीज होने के बाद उच्च न्यायालय से स्टे मिल गया। गांव में सबसे पहले अधूरे पड़े पंचायतघर का निर्माण पूरा कराया जाएगा। इसके अलावा अन्य विकास कार्य और स्वच्छ भारत मिशन के कार्य कराए जाएंगे। मंजू, ग्राम प्रधान।
वर्जन-तिलवाड़ा प्रधान के अधिकार सीज वाले मामले में उच्च न्यायालय के आदेश का पालन किया जाएगा। इसमें रिकवरी जमा कराने और अंतिम जांच रिपोर्ट के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। अमित त्यागी, जिला पंचायत राज अधिकारी।