- सपा ने बड़ौत और खेकड़ा से घोषित कर दिए थे प्रत्याशी, बागपत से चल रही थी तैयारी
- ट्वीट करके बड़ौत व बागपत में रालोद को समर्थन की बात कही, खेकड़ा पर अभी विवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। प्रत्याशी घोषित करने के अगले ही दिन सपा पीछे हट गई और उसने रालोद को समर्थन करने की घोषणा कर दी। इसकी जानकारी सपा के अधिकारिक ट्वीटर हैंडल से दी गई। जिस पर बड़ौत और बागपत में रालोद को समर्थन करने की बात कही गई है, जबकि अभी खेकड़ा को लेकर विवाद चल रहा है और किसी तरह की कोई बयान नहीं दिया गया है।
सपा-रालोद का गठबंधन पिछले काफी समय से चल रहा है और निकाय चुनाव को लेकर भी दोनों पार्टियों के नेता मिलकर लड़ने का दावा कर रहे थे। रालोद ने सबसे पहले बागपत से पूर्व चेयरमैन राजुद्दीन और खेकड़ा से रंजीता धामा को प्रत्याशी बनाया था। लेकिन इस बीच ही सपा ने सोमवार को खेकड़ा से पूर्व चेयरमैन संगीता धामा और बड़ौत से रणधीर प्रधान को प्रत्याशी घोषित कर दिया था। जिसका सीधा नुकसान रालोद को होता दिख रहा था और इस तरह रालोद-सपा गठबंधन में दरार आने की चर्चाएं भी शुरू हो गईं थीं। लेकिन अगले ही दिन मंगलवार को सपा के अधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करके कहा गया कि बड़ौत व बागपत में सपा स्थानीय नगर निकाय चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव नहीं लड़ेगी। वह रालोद को समर्थन करेगी।
इसके बाद दोबारा से चर्चाएं होने लगी कि दोनों में विवाद सुलझ गया है। लेकिन खेकड़ा को लेकर किसी तरह का बयान नहीं दिया गया है और वहां दोनों में समझौता होने को लेकर संशय है। इस तरह माना जा रहा है कि खेकड़ा सीट पर सपा और रालोद का विवाद अभी जारी है।
इस बारे में अधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। यह जानकारी मिली है कि बागपत और बड़ौत में अध्यक्ष पद पर चुनाव नहीं लड़ा जाएगा। खेकड़ा को लेकर किसी तरह की कोई जानकारी नहीं मिल रही है। खेकड़ा को लेकर जिस तरह के निर्देश राष्ट्रीय अध्यक्ष के मिलेंगे, उसके आधार पर कदम उठाया जाएगा। - रविंद्र यादव, सपा जिलाध्यक्ष