...कोई तो देखो मेरे पिता को बागपत के जिला अस्पताल में चिकित्सकों की तलाश में बीमार पिता सुखबीर को ल?
- फोटो : BAGHPAT
बागपत। जिला अस्पताल में डॉक्टरों में संवेदना पूरी तरह से खत्म होती दिख रही है। यही कारण है कि अपने बीमार पिता को अस्पताल में उपचार के लिए लेकर पहुंचे बेटों को डॉक्टर उपचार करने की जगह इधर-उधर टरकाते रहे। वह भी इस हालत में हुआ, जब उनको व्हीलचेयर नहीं मिली और वह पिता को अपने कंधे पर उठाए हुए थे। उनकी हालत देेखकर भी घंटेभर बाद उपचार शुरू किया गया।
रंछाड़ के मनोज ने बताया कि उसके पिता सुखबीर काफी दिनों से बीमार चल रहे थे और उनके मुंह से खून आने लगा। उनका गांव में उपचार कराया जा रहा था, लेकिन उनकी सोमवार को हालत ज्यादा खराब होने पर वह बिनौली सीएचसी लेकर पहुंचे।
चिकित्सक ने जांच के बाद उनको जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। अस्पताल में मनोज और उसका भाई विनोद पिता के इलाज के लिए पहुंचे तो वहां उनको व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं कराई गई। उनको पंजीकरण केंद्र से कक्ष संख्या 11 में भेजा गया, तो वहां डॉक्टर ने उनके पर्चे को देखकर कक्ष संख्या 10 लिखकर वहां के लिए टरका दिया।
वह पिता को कंधे पर लेकर ही इधर-उधर भटकते रहे और उनको कक्ष संख्या दस के बाहर बैठा दिया। सुखबीर की हालत लगातार बिगड़ती रही तो वहां विरोध जताते हुए वीडियो बनानी शुरू की गई तो तब घंटेभर बाद उनका उपचार शुरू किया।
कोट...
मरीजों के लिए जिला अस्पताल में इमरजेंसी में चार व ओपीडी में दो व्हीलचेयर की व्यवस्था कराई गई है। ऐसा हो सकता है कि कोई तीमारदार मरीज को लेकर चला गया हो। अस्पताल में व्हीलचेयर की संख्या बढ़वाई जाएगी और कर्मचारियों को निर्देश दिया जाएगा कि इस तरह की समस्या आने पर मरीजों और तीमारदारों की मदद की जाए। - डॉ. एसके चौधरी, सीएमएस
बागपत जिला अस्पताल में चिकित्सक के इंतजार में पिता को लेकर बैठे रंछाड निवासी युवक- फोटो : BAGHPAT