बागपत/बड़ौत। आईसीएसई 10वीं और आईएससी 12वीं के टॉपरों ने अपना लक्ष्य तय किया हुआ है। वह आगे की पढ़ाई भी लक्ष्य तय करके ही कर रहे हैं। टॉपरों में किसी का सिविल सर्विस में जाने का सपना है तो कोई इंजीनियर बनना चाहता है। कोई चिकित्सक बनकर समाज सेवा करना चाहता है।
सैंपल पेपर व मॉक टेस्ट से की तैयारी, इंजीनियर बनने का सपना
सिनौली गांव की रहने वाली क्रिस्तु ज्योति कान्वेंट स्कूल बड़ौत की छात्रा कनिका शर्मा ने 12वीं की परीक्षा में 96 फीसदी अंक प्राप्त किए। कनिका के पिता राजेश कुमार व्यवसायी हैं और मां वंदना गृहणी हैं। कनिका का सपना इंजीनियर बनने का है। कनिका के अनुसार पूरे साल नियमित होकर पढ़ाई करना जरूरी होता है। परीक्षा की तैयारी के लिए सैंपल पेपर का इस्तेमाल किया और मॉक टेस्ट दिए। रिवीजन पर ध्यान दिया। कनिका देहरादून में इंजीनियरिंग के लिए कोचिंग भी ले रही हैं।
चिकित्सक बनना चाहते हैं अनुराग
चांदनहेड़ी गांव के अनुराग मलिक ने 12वीं की परीक्षा में 95.75 फीसदी अंकों के साथ दूसरा स्थान पाया है। अनुराग के पिता संदीप मलिक शिक्षक हैं, जबकि माता गीता मलिक गृहणी हैं। अनुराग का सपना चिकित्सक बनकर समाज सेवा करने का है। अनुराग का कहना है कि नियमित पढ़ाई करना जरूरी है। किसी भी विषय को कमजोर न समझे और सभी विषयों पर पूरा फोकस करें।
सिविल सेवा में जाना चाहती है वृति का सपना
क्रिस्तु ज्योति कान्वेंट स्कूल बड़ौत की छात्रा वृति ने 10वीं में 98.6 के साथ संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया है। वृति के पिता विकास कुमार जैन व्यवसायी हैं और माता रीवा जैन एक गृहणी हैं। बड़ौत की रहने वाली वृति का कहना है कि वह अपनी इस सफलता का श्रेय शिक्षकों और माता-पिता को देती हैं। वह सिविल सेवा में जाना चाहती है। इसके लिए उसने दिन-रात मेहनत भी शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया की जगह नोट्स बनाकर करें पढ़ाई
बड़ौत के रहने वाले सेंट फ्रांसिस स्कूल के छात्र जयंत तोमर ने 10वीं में 98.6 प्रतिशत अंक के साथ संयुक्त रूप से जनपद टॉप किया है। जयंत तोमर का कहना है कि सोशल साइट्स का कम से कम प्रयोग करें। परीक्षा के कुछ माह पहले से सोशल मीडिया व साइट्स का प्रयोग पूरी तरह से बंद कर दें। सोशल साइट्स से सही जानकारी कम मिलती है और समय अधिक बर्बाद होता है। नोट्स बनाकर ज्यादा पढ़ाई करें। जयंत के पिता सुधीर तोमर व्यवसायी हैं और मां पूनम तोमर गृहणी हैं। जयंत का लक्ष्य सिविल सेवा में जाना है, जिसकी तैयारी भी उसने शुरू कर दी है।
इंजीनियर बनना चाहते हैं देव तोमर
बावली गांव के देव तोमर ने 10वीं में 98 फीसदी अंकों के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया है। देव के पिता संजीव तोमर किसान हैं और माता आरती गृहणी हैं। उनका कहना है कि सफलता पाना है तो खुद पर विश्वास रखें। पढ़ाई के साथ कंप्यूटर में अधिक रुचि है। 12वीं के बाद आईआईटी से बीटेक करके इंजीनियर बनने का सपना है। वह इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को देते है।