लुहारा गांव में कलश यात्रा में भाग लेते श्रद्घालु
अमीनगर सराय। लुहारा गांव के श्री शिव मंदिर में बृहस्पतिवार को मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा और श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया। इससे पूर्व गांव में महिलाओं ने बैंडबाजों के साथ कलशयात्रा निकाली। कथा व्यास ब्रह्मपाल शास्त्री ने कहा कि गीता में मानव की सभी शंकाओं का निवारण है।
मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के उपरांत मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया। कलश यात्रा गांव के भूमिया मंदिर से शुरु होकर गांव के अलग-अलग मार्गों से होते हुए शिव मंदिर पर ही संपन्न हुई, जहां महिलाओं ने अपने कलश स्थापित किए। इसके उपरांत मंदिर में मूर्तियों का जलाधिवास कराकर बेदी पूजन कराया। पंडित अमित शर्मा ने भगवान शंकर, हनुमान व बाबा मोहन राम की मूर्तियों को जलाधिवास कराया। वैदिक मंत्रोंच्चारण के साथ जलाधिवास कर मंगल आरती की गई। दोपहर में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया।
कथा व्यास ब्रह्मपाल शास्त्री ने कहा कि श्रीकृष्ण के जैसा इस दुनिया में कोई दूसरा नहीं हो सकता। बालपन से लेकर अंत तक उन्होंने न जाने कितने रूपों में अपने भक्तों को दर्शन दिए। मानव जाति के उत्थान के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने अनेक लीलाएं कीं। उनके द्वारा बताए गए कर्म प्रधान जीवन ने मानव जाति को एक नई दिशा प्रदान की। उनके द्वारा गीता में दिए गए उपदेशों में मानव की सभी शंकाओं का निवारण है। मौके पर मामचंद यादव, राजेंद्र, ओमपाल, अमित, गजेसिंह, हरबीर, कुलदीप, सुमित, राजबीर मौजूद रहे।