-यूपीनेडा के अधिकारियों ने गांवों का चयन कर सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए जारी की निविदा
-डेवलपर्स मिलते ही भूमि चिह्निकरण होगा, एक प्लांट पर चार करोड़ रुपये से अधिक बजट खर्च होगा
निशांत भारद्वाज
बागपत। जिले के नौ गांवों में सोलर पावर प्लांट लगाए जाएंगे। जिससे खेतों में सिंचाई करने के लिए किसानों को लाभ मिलेगा। नौ गांवों में सोलर पावर प्लांट लगाने की स्वीकृति मिलने के बाद यूपी नेडा के मुख्यालय से निविदा जारी कर दी गई है। जिसमें डेवलपर्स मिलते ही भूमि चिह्निकरण शुरू कर दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत जिले के नौ गांवों का चयन किया गया है। जहां लगे विद्युत उपकेंद्रों से पांच किलोमीटर की परिधि में चार एकड़ से अधिक जमीन पर एक से दो मेगावाट तक के सोलर पावर प्लांट स्थापित किए जाएंगे। जिसके लिए यूपीनेड़ा के अफसरों ने निविदा जारी कर डेवलपर्स की तलाश शुरू कर दी है। डेवलपर्स मिलने के बाद गांवों में सोलर पावर प्लांट के लिए जमीन चिह्नित की जाएगी और वहां उत्पादित होने वाली बिजली से खेती की सिंचाई और गांवों में प्रयोग किया जाएगा। इसके अलावा बिजली उत्पादन अधिक होने पर बिजली कंपनी को बेचकर मुनाफा कमाया जा सकेगा। उधर सोलर पावर प्लांट स्थापित होने पर एक मेगावाट के प्लांट पर भारत सरकार से 1.5 करोड़ रुपये, जबकि प्रदेश सरकार से 50 लाख रुपये सब्सिडी का लाभ दिया जाएगा।
इन गांवों का हुआ चयन
यूपीनेड़ा ने असारा गांव में 1.3 मेगावाट, बावली गांव में 1.6 मेगावाट, लुहारी में 1.6 मेगावाट, ककौरकलां में 2.0 मेगावाट, फिरोजपुर में 1.2 मेगावाट, खट्टा प्रहलादपुर में 1.7 मेगावाट, दोघट में 1.7, गांगनौली में 2.0 मेगावाट, रसूलपुर में 2.0 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट स्थापित करने की कार्य योजना तैयार की है।
जिले के नौ गांवों का पीएम कुसुम योजना में चयन किया गया है, जहां सोलर पावर प्लांट स्थापित किया जाएगा और वहां के विद्युत उपकेंद्र से जोड़ा जाएगा। डेवलपर्स का चयन होने के बाद जमीन चिन्हित की जाएगी। - प्रमोद शर्मा, परियोजना अधिकारी, यूपीनेडा