मिल चुके हैं चौंकाने वाले परिणाम
वर्ष 2019 में कराए गए मिट्टी परीक्षण में पता चला कि मिट्टी की सेहत खराब हो रही है। इसमें पोषक तत्वों की कमी है। यह कमी जीवांश कार्बन, सल्फर और जिक सूक्ष्म पोषक तत्व में पाई गई। जिक की कमी से धान, गेहूं, आलू, मक्का आदि फसलों को झुलसा रोग लगने का अंदेशा रहता है। सल्फर के अभाव में पौधे पीले पड़ जाते हैं। यहां अधिकतर धान, गेहूं की फसलों में देखने को मिलता है।
इन गांवों को किया गया चिह्नित
ब्लॉक गांव
छपरौली सौंटी, ककौरकलां
बड़ौत अफरफाबाद थल, बरवाला
बिनौली गैडबरा, आदमपुर
खेकड़ा फखरपुर, फिरोजपुर
पिलाना रोशनगढ़, संकलपुटठी
बागपत बिचपड़ी, कानौली
ये बोले प्राविधिक सहायक
राजकीय बीज भंडार बड़ौत पर तैनात प्राविधिक सहायक हरेंद्र सिंह ने बताया कि इस मद में तीन साल से बजट नहीं आ रहा है। जिस कारण मिट्टी की जांच नहीं हो पा रही है। अब शासन ने फिर से मृदा की निशुल्क जांच के लिए जनपद के 12 गांवों को चिह्नित किया है। जिनमें जल्द ही जांच शुरू कर दी जाएगी और जांच रिपोर्ट लखनऊ भेजी जाएगी।