बागपत। तबादला होने के बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी अलमारी की चाबी अपने साथ ले गई। जब उनका वेतन अटक गया तो उन्होंने बागपत आकर अलमारी की चाबी लौटाई। ढाई महीने बाद अलमारी खुली तो उसमें पारिवारिक लाभ योजना के आवेदन के 158 फार्म समेत अन्य दस्तावेज रखे मिले, जिनका ढाई महीने से सत्यापन अटका हुआ था।
जिला समाज कल्याण अधिकारी रचना शर्मा का जून माह में तबादला बुलंदशहर हो गया था। इसके बाद भी काफी दिन तक उनके पास ही चार्ज रहा। डीएम के निरीक्षण में वह कार्यालय में नहीं मिली तो डीएम ने उनका वेतन रोक दिया। जुलाई माह में उन्होंने बुलंदशहर में कार्यभार ग्रहण कर लिया और बागपत की एक अलमारी की चाबी भी साथ लेकर चली गई। अधिकारियों की अनुमति से उनका वेतन कुछ दिन बाद बहाल कर दिया गया था, लेकिन इसकी रिपोर्ट बुलंदशहर प्रशासन को नहीं भेजी गई। जिस कारण बुलंदशहर में कार्यभार संभालने के बाद भी जिला समाज कल्याण अधिकारी का सितंबर माह का वेतन जारी नहीं हो सका।
बृहस्पतिवार को रचना शर्मा विकास भवन पहुंचीं और वेतन संबंधी समस्या का समाधान कराते हुए अलमारी की चाबी भी वापस लौटाई। ढाई महीने बाद चाबी मिलने पर अलमारी खोली गई तो उसमें पारिवारिक लाभ की 158 महिलाओं के दस्तावेजों की फाइल रखी मिलीं।
आवेदक महिलाएं लगाती रहीं चक्कर
जिन महिलाओं के दस्तावेज विभाग की अलमारी में पिछले ढाई माह से बंद थे, उनमे से कई महिलाएं विकास भवन में समाज कल्याण विभाग के कार्यालय में भी पहुंची और आवेदन का स्टेटस पूछा। कर्मचारियों ने कार्यालय में दस्तावेजों को तलाश किया, लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया। जिसके चलते महिलाओं को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा।
-जब मैंने कार्यभार ग्रहण किया तो एक अलमारी की चाबी नहीं मिली थी। जिससे उच्चधिकारियों को अवगत कराया गया था। ढाई महीने बाद बृहस्पतिवार को चाबी मिली तो अलमारी खोली गई, जिसमें पारिवारिक लाभ योजना समेत अन्य दस्तावेज मिले। उनका सत्यापन शुरू करा दिया गया है। - रश्मि यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी।