उत्तर प्रदेश के बागपत में नंगला पोइस गांव में छिपकली गिरे पानी की चाय पीने से एक परिवार के छह सदस्यों की हालत बिगड़ गई। जिन्हें बड़ौत सीएचसी में भर्ती कराया, जहां से उनको जिला अस्पताल रेफर कर दिया। आरोप है कि अस्पताल में उनको उपचार नहीं मिला। इसके बाद उन सभी को बड़ौत के निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
नंगला पोइस गांव के रहने वाले इंतजार पुत्र हनीफ के घर में पेयजल आपूर्ति के लिए छत पर एक ड्रम काटकर टैंक बनाकर रखा हुआ है। जिसमें रोजाना सबमर्सिबल से पानी भरते हैं और उसके बाद उसी टैंक का पानी इस्तेमाल करते हैं।
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रविवार सुबह इंतजार की पत्नी शबाना ने चाय बनाकर परिवार के सदस्यों को पिलाई। थोड़ी देर बाद इंतजार, शबाना, शाईस्ता, मोहसिना, बच्चे समद व शाहद की हालत बिगड़ गई। वे बेहोश होने लगे तो इंतजार के भाई महताब ने छत पर जाकर पानी का टैंक देखा। उसमें मरी हुई छिपकली पड़ी मिली।
छिपकली मिलने के बाद उन्हें पता चला कि उसके पानी की चाय पीने से सभी की हालत बिगड़ी है। महताब ने सभी का बड़ौत सीएचसी में उपचार कराया। जहां से जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में उपचार नहीं मिलने पर बड़ौत के निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
किराए पर गाड़ी कर निजी अस्पताल पहुंचे
इंतजार के भाई महताब ने आरोप लगाया कि बड़ौत सीएचसी से रेफर करने के बाद एंबुलेंस ने जिला अस्पताल में उन्हें बाहर ही छोड़ दिया। इसके बाद करीब दो घंटे बाद उन्हें भर्ती नहीं किया। बाद में किराए पर गाड़ी लेकर वे बड़ौत के निजी अस्पताल में उपचार कराने के लिए पहुंचे। महताब ने सीएमओ से शिकायत करने की चेतावनी दी।