संवाद न्यूज एजेंसी
छपरौली। कस्बे के दिगंबर जैन मंदिर में सोमवार को सिद्धचक्र महामंडल विधान में कलश यात्रा निकाली गई। जिनेंद्र जैन, वंश जैन और गौरव जैन ने शांतिधारा कराई। महोत्सव के जिनेंद्र जैन को सोधर्म इंद्र, भुनेंद्र जैन को ईशान इंद्र और मोनू जैन को कुबेर बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
कस्बे के पार्श्वनाथ दिगंबर जैन प्राचीन मंदिर में सोमवार को विधान से कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में प्रतिष्ठाचार्य ब्रह्मचारी प्रदीप और ब्रह्मचारी गौरव जैन के सानिध्य में श्रद्धालु नाचते-गाते हुए चल रहे थे। मंदिर कमेटी अध्यक्ष राजेश जैन ने बताया कि सिद्धचक्र महामंडल विधान से दिव्य शक्तियां प्रकट होती हैं। यह विधान सभी विधान का राजा है। इसे करने से मनुष्य के जीवन के सभी पाप, ताप और संताप नष्ट हो जाते हैं। सिद्ध शब्द का अर्थ है कृत्य, चक्र का अर्थ समूह और मंडल का अर्थ वृत्ताकार यंत्र से है। पुराणों के अनुसार मैना सुंदरी ने सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन कर अपने कोढ़ी पति श्रीपाल को कामदेव जैसा सुंदर बना दिया था। इस अवसर पर मीडिया प्रभारी अमित जैन, राजेश जैन, जिनेंद्र जैन, दीपक जैन, मिथलेश जैन, सुदेश, वाणी जैन, वैशाली जैन और शिखा जैन मौजूद रहे।