बागपत। झुंडपुर गांव में ताश खेलते समय हुए विवाद के बाद हत्या की कोशिश के मुकदमे में एक परिवार के सात सदस्यों को न्यायाधीश ने दस साल की सजा सुना दी। साथ ही 25 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। जुर्माना अदा नहीं करने पर दो माह की सजा बढ़ाई जाएगी।
एडीजीसी गगन गौड़ और वादी के अधिवक्ता प्रवीण कुमार नाहरा ने बताया कि चार जुलाई 2013 में झुंडपुर गांव निवासी कालूराम ने गांव के ही जनेश्वर, बालेश्वर, दीपक, राजीव, संजीव, सोनू, मोनू के खिलाफ हत्या के प्रयास, धमकी देने समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।
वादी ने बताया था कि चार जुलाई को गांव के ही कुछ लोग ताश खेल रहे थे। इस दौरान कुछ लोगों के बीच कहासुनी हो गई थी। जिन्हें समझाकर घर भेज दिया गया। इसके बाद तलवार, फरसे, बलकटी से हमला कर तेजवीर, सतेंद्र, राजकुमार, भंवरकली, मौसम, मुकेश, सचिन को घायल कर दिया था।
मुकदमे की सुनवाई एडीजे प्रथम न्यायालय में हुई, जिसमें दो दिन पहले दोष सिद्ध हो गया था। बृहस्पतिवार को न्यायाधीश शैलेंद्र पांडेय ने जनेश्वर, बालेश्वर, दीपक, राजीव, संजीव, सोनू, मोनू को दस साल की सजा सुनाई और 25 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर आरोपियों की दो महीने की सजा बढ़ाई जाएगी।