बागपत के दोघट थाना क्षेत्र के झुंडपुर गांव में ताश खेलते समय हुए विवाद के बाद जानलेवा हमला करने के मुकदमे में तीन भाईयों समेत सात न्यायालय में दोष सिद्ध हो गया। सजा पर सुनवाई के लिए नौ फरवरी निर्धारित की गई है।
एडीजीसी गगन गौड़ एवं जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल नेहरा ने बताया कि चार जुलाई 2013 में झुंडपुर गांव निवासी कालूराम ने गांव के ही जनेश्वर, बालेश्वर, दीपक, राजीव, संजीव, सोनू व मोनू के खिलाफ जानलेवा हमला करने, जान से मारने की धमकी देने समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें वादी ने बताया था कि चार जुलाई को गांव के ही कुछ लोग ताश खेल रहे थे, जहां ताश में हार जीत की बाजी को लेकर कुछ लोगों के बीच कहासुनी हो गई थी। जिन्हें समझाकर घर भेज दिया गया।
इसके बाद तलवार, फरसे, बलकटी से हमला कर तेजवीर, सतेंद्र, राजकुमार, भंवरकली, मौसम, मुकेश, सचिन को घायल कर दिया गया था। एडीजीसी ने बताया कि पुलिस ने जानलेवा हमले में तीनों हमलावरों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था।
जिसकी सुनवाई एडीजे प्रथम न्यायालय में हुई। मंगलवार को सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश शैलेंद्र पांडेय ने तीन भाईयों समेत सात हमलावरों को दोष सिद्ध घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि सजा पर सुनवाई के लिए नौ फरवरी निर्धारित की गई है।