फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सद्गुरु कृपा से ही आत्म उत्थान होता है : सिद्धगुरु

विज्ञापन
विज्ञापन
बिनौली। जिवाना गुलियान के नीलकंठ आश्रम में महागुरुदेव अवतरण महोत्सव (प्रकाश पर्व) के उपलक्ष्य में चल रहे पांच दिवसीय यजुर्वेद पारायण महायज्ञ के चौथे दिन सिद्ध गुरु महाराज ने कहा कि सद्गुरु कृपा से आत्मकल्याण होता है। मनुष्य को जीवन में पाप कर्म से बचना चाहिए और अधिक से अधिक श्रेष्ठ कर्म करने चाहिए। उन्होंने कहा गुरु सेवा बड़े पुण्य कर्मों से मिलती है। ऐसे ही यज्ञ कर्म भी बहुत शुभ कर्मों के उपरांत करने को मिल पाता है। आचार्य चंद्रमणि यज्ञीक ने कहा कि धर्म मनुष्य को जोड़ता है। वेद धर्म का मूल है। वेद किसी धर्म जाति का नहीं वरन प्राणिमात्र का है। लाक्षागृह गुरुकुल बरनावा के आचार्य अमित शास्त्री, आचार्य अंकुर भारद्वाज ने सस्वर वेदपाठ के साथ ईश भक्ति से ओतप्रोत सुमधुर भजन प्रस्तुत किए। मलकपुर शुगर मिल के यूनिट हेड विपिन चौधरी सपत्नीक यज्ञमान रहे। यज्ञ में हेमंत देसाई, प्रदीप मिश्रा, निरंजन सिंह, योगेंद्र धामा, अशोक शर्मा, मोनू तोमर, राजीव धामा, अनिल सोलंकी, विनोद सोलंकी, राजेंद्र सिंह, सुरेश आदि श्रद्धालुओं ने आहुतियां देकर धर्म लाभ उठाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें