बागपत। बरवाला गांव में बिना प्रस्ताव व जांच के 32 लाख रुपये का भुगतान करने और कार्य पूरे कराए बिना ठेकेदारों को लाखों रुपये देने के मामले की जांच से सचिव बचकर भाग रहा है। वह लगातार छुट्टी पर छुट्टी मांग रहा है, जिससे समय के साथ जांच दब जाए। अब उसने फिर से खुद को बीमार बताकर चार दिन की छुट्टी मांगी है। वहीं डीपीआरओ ने उसे आखिरी बार चेतावनी देकर कार्रवाई करने की बात कही है।
बरवाला में स्वच्छ भारत मिशन फेज-टू के तहत 32 लाख 83 हजार रुपये का बजट आया था। वहां के सचिव लोकेंद्र राठी ने करीब 32 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। इस तरह अचानक 32 लाख रुपये का भुगतान होने पर जांच कराई गई तो बड़ौत ब्लॉक के अभियंता गुलफाम अली ने रिपोर्ट में कहा कि सचिव ने कोई भी प्रस्ताव व जांच के बिना पैसा जारी किया है। जिसके बाद डीपीआरओ ने नोटिस जारी किया तो सचिव कागज लेकर नहीं पहुंचा। जिस पर डीपीआरओ अरूण अत्री ने सचिव लोकेंद्र राठी को एक सप्ताह पहले आखिरी नोटिस दिया था। उससे 14 बिंदुओं पर जवाब मांगते हुए सभी कागज देने के लिए कहा गया। डीपीआरओ अरूण अत्री ने बताया कि सचिव ने जवाब देने की जगह खुद को बीमार बताकर पंद्रह दिन की छुट्टी मांगी थी। अब वह समय पूरा होने पर दोबारा से चार दिन की छुट्टी पर चला गया है। इस तरह वह जांच का समय बढ़वाने में लगा हुआ है, जिससे वह बच सके। मगर इस मामले में काफी साक्ष्य उसके खिलाफ मिल गए हैं और अब उसपर कार्रवाई की तैयारी शुरू की जाएगी।