संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। विकास प्राधिकरण का दायरा बढ़ाने की तैयारी हो रही है। जहां अभी तक केवल बागपत, बड़ौत व खेकड़ा ही विकास प्राधिकरण के दायरे में आते है। वहीं अब कई कस्बों के साथ ही गांव भी शामिल किए जाएंगे। जिसके बाद वहां कालोनियों में बेहतर सुविधाएं मिल सकेगी, लेकिन उसके साथ ही निर्माण करने पर नक्शा पास कराने में जेब पर भार भी बढ़ेगा।
यहां विकास प्राधिकरण का गठन वर्ष 2009 से पहले किया गया था। उस वक्त बागपत, बड़ौत व खेकड़ा को प्राधिकरण में शामिल किया गया था। उसके बाद से प्राधिकरण का दायरा नहीं बढ़ सका है। जबकि बागपत, बड़ौत व खेकड़ा के आसपास गांवों की तरफ काफी क्षेत्र विकसित हो चुका है और बागपत व बड़ौत का सीमा विस्तार तक किया गया। इनके अलावा कई अन्य कस्बे काफी विकसित हो रहे है। इसलिए ही विकास प्राधिकरण का दायरा बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। जिसमें अग्रवाल मंडी टटीरी, अमीनगर सराय, दोघट, टीकरी को शामिल किया जा सकता है तो बागपत, बड़ौत, खेकड़ा के आसपास के करीब आठ गांव भी प्राधिकरण के दायरे में आ सकते हैं।
सुविधाएं बढ़ जाएगी तो निर्माण पर खर्चा बढ़ेगा
जिन जगहों को विकास प्राधिकरण में शामिल किया जाएगा। उन जगहों पर रहने वाले लोगों के लिए सुविधाएं भले ही बढ़ जाएगी। जहां कोई भी कालोनी प्राधिकरण से पास कराने पर वहां पानी, सीवर, बिजली लाइन, सडक़ आदि के रखरखाव की जिम्मेदारी निकाय की होगी। लेकिन किसी भी तरह का निर्माण करने पर नक्शा पास कराने से लेकर अन्य खर्च भी बढ़ेगा।
एक भी योजना धरातल पर नहीं उतरी
बागपत-बड़ौत-खेकड़ा विकास प्राधिकरण का गठन भले ही 13 साल पहले हुआ हो और उसका दायरा बढ़ाने की तैयारी हो। लेकिन यहां इतने साल बाद भी विकास प्राधिकरण एक भी योजना धरातल पर नहीं उतार सका है। स्थिति यह है कि प्राधिकरण के पास न तो स्टाफ है और न ही उसके पास पैसा है। यहां के अधिकतर कार्य गाजियाबाद से कराने पड़ते है।
वर्जन...
विकास प्राधिकरण का जरूरत के अनुसार दायरा बढ़ाया जा सकता है। इसको लेकर कार्य किया जा रहा है। राजकमल यादव, डीएम