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सतेंद्र बरवाला गैंग ने की थी फायरिंग

Tue, 15 Mar 2016 12:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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पुलिस द्वारा पकड़े गए व्यापारी की गाड़ी पर फायरिंग करने वाले बदमाश। - फोटो : amar ujala
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बागपत के खेकड़ा क्षेत्र के बड़ागांव में सहारनपुर के व्यापारी सुधीर जैन की फॉर्चूनर गाड़ी पर फायरिंग के मामले का पुलिस ने सोमवार को तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर खुलासा कर दिया। पुलिस का दावा है कि पकड़े गए आरोपी सतेंद्र बरवाला गैंग के सदस्य हैं। आरोपियों का इरादा फॉरचूनर गाड़ी लूटने का था। घटना में प्रयुक्त कार, एक तमंचा, दो चाकू और कारतूस बरामद हुए हैं। 
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बासौली नहर के पुल के पास मुठभेड़ के दौरान पकड़े गए आरोपी रमाला गांव के राहुल पुत्र श्रवण, सूप निवासी अंकुर पुत्र कालूराम और शामली के भैंसवाल निवासी अंकित उर्फ किंग पुत्र इंद्रपाल शामिल हैं, जबकि रमाला गांव का अंशुल पुत्र चंद्रवीर,  शामली के भनेड़ा निवासी अंकित उर्फ प्रधान फरार हो गए। अंकित फिलहाल अपने बहनोई अमित के पास सूप गांव में रहता है। आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त वेरना कार (एचआर19एच-7075), एक तमंचा, दो चाकू और कारतूस बरामद हुए हैं।   एएसपी विद्या सागर मिश्र ने पत्रकार वार्ता में बताया कि पकड़े गए बदमाश मुजफ्फरनगर के सतेंद्र बरवाला गैंग के सदस्य हैं। फरार आरोपी अंशुल, सतेंद्र का बेहद करीबी है। पूछताछ करने पर आरोपियों ने बताया कि उनका इरादा व्यापारियों से फॉर्चूनर गाड़ी लूटने का था। चालक ने इशारा करने के बावजूद गाड़ी नहीं रोकी तो उन्होंने फायरिंग कर दी थी। उनकी मंशा गाड़ी के चालक को गोली मारने की भी थी। घटना में कामयाब न होने पर आरोपी हाईवे पर फायरिंग करते हुए सूप गांव में भाग गए थे। उन्होंने बताया कि आरोपियों का एक साथी अजीत ग्राम रमाला का रहने वाला है, उसकी भी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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  डेढ़ माह पूर्व ही जेल से छूटा था सतेंद्र बरवाला बागपत। एएसपी का कहना है कि सतेंद्र बरवाला वेस्ट यूपी  का बड़ा अपराधी है। उसके खिलाफ दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। वह जनवरी 2016 में जेल से जमानत पर छूटा हुआ था। फिलहाल वह फरार है।
छात्र निकले लुटेरे बागपत। पकड़े गए आरोपी अंकित उर्फ किंग ने बताया कि वह कक्षा 12 में बड़ौत के एक पब्लिक स्कूल में पढ़ता है। उसके पिता इंद्रपाल आर्मी में कांस्टेबल के पद से रिटायर है। राहुल ने बताया कि वह 12वीं पास है। उसके पिता श्रवण बीएसएफ में सूबेदार के पद पर पश्चिमी बंगाल के सिलीगुड़ी में तैनात है। इसी तरह आरोपी अंकुर ने बताया कि वह किशनपुर बराल गांव के डीएवी इंटर कॉलेज में कक्षा 11 में पढ़ता है। उसके पिता खेती करते हैं। 
धर्मेंद्र किरठल बनना चाहते थे आरोपी बागपत। पुलिस सूत्रों की माने तो आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बेखौफ अंदाज में कहा कि उनका इरादा धर्मेंद्र किरठल बनना है। हालांकि आरोपियों ने मीडिया के सामने कहा कि उनकी ऐसी कोई सोच नहीं है, लेकिन उनका साथी अंशुल बात-बात में यहीं कहता है कि उसे धर्मेंद्र किरठल की तरह बनना है।
अंकित उर्फ प्रधान ने लड़ा था ग्राम प्रधान का चुनाव 
बागपत। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी अंकित उर्फ प्रधान ने अपने गांव भनेड़ा में ग्राम प्रधान पद पर चुनाव लड़ा था, लेकिन वह हार गया। दूसरे आरोपी अंकित उर्फ किंग के पिता इंद्रपाल ने भी भैंसवाल में प्रधानी का चुनाव लड़ा था। वह भी चुनाव हार गया था। 
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  कार पर लिखा विलेन इज बैक बागपत। आरोपी अंकित उर्फ किंग ने अपनी वेरेना कार के शीशे पर विलेन इज बैक और किंग लिखवा रखा है। वह खुद को अपराध का किंग समझता है।
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