बागपत। सेनेटरी नैपकीन बनाने की खराब मशीन बेचने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने विक्रेता पर शिकंजा कस दिया। जिसमें आयोग के अध्यक्ष ने मशीन बेचने वाली कंपनी को मशीन की 7.54 लाख रुपये धनराशि, 50 हजार मानसिक क्षति और पांच हजार रुपये व्यय खर्च के रूप में देने के आदेश दिए।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष आरपी सिंह ने बताया कि ट्यौढी गांव की रहने वाली प्राची पुत्री अनिल शर्मा ने फरवरी 2021 में वाद दायर किया था। जिसमें वादिनी प्राची ने बताया कि उसने स्वरोजगार के लिए नोएडा की राज इंटरप्राइजेज कंपनी से सेनेटरी नैपकीन के लिए मशीन, ट्रांसफार्मर स्टेलाइजेशन व अन्य उपकरण खरीदे थे। जिसके बाद डिब्बों में पैकिंग के साथ कच्चे माल का भुगतान कर वह मशीन लेकर आ गई। जिसके लिए कंपनी ने कर्मचारी को मशीन चालू करने के लिए भेजा, लेकिन मशीन चालू नहीं हो पाई। जिसके लिए कई बार अधिकारियों से भी संपर्क किया गया, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
आयोग के अध्यक्ष आरपी सिंह ने बताया कि इस मामले में सुनवाई के बाद राज इंटरप्राइजेज नोएडा को मशीन की धनराशि 7.54 लाख व 50 हजार रुपये मानसिक क्षति व पांच हजार रुपये व्यय खर्च के रूप में देने के आदेश दिए गए।
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इंश्योरेंस कंपनी को बकाया देने के आदेश दिए
बागपत। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष आरपी सिंह ने बताया कि बागपत के जैन मोहल्ला निवासी रामेश्वर दयाल ने एगाॅन लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ जुलाई 2021 में वाद दायर किया था। जिसमें रामेश्वर दयाल ने इंश्योरेंस कंपनी पर दो लाख दो हजार 409 रुपये वापस नहीं देने का आरोप लगाया था। इस मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद एगाॅन इंश्योरेंस कंपनी को वादी के बकाया दो लाख दो हजार रुपये व पांच हजार रुपये मानसिक क्षति व पांच हजार रुपये व्यय खर्च के रूप में देने के आदेश दिए गए।