फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सचिन नंदा ने ही मांगी थी व्यापारी से रंगदारी

Fri, 11 Mar 2016 12:14 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
विज्ञापन
पुलिस हिरासत में व्यापारी से रंगदारी मागने के आरोपी युवक। - फोटो : amarujala
विज्ञापन
बागपत के अग्रवाल मंडी टटीरी के लोहा व्यापारी विष्णु मित्तल से मांगी गई दस लाख रुपये की रंगदारी के मामले का पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर खुलासा कर दिया। पुलिस का दावा है कि जेल में मिलने गए दीपक बली को सचिन ने रंगदारी का खत दिया था। उसके कहने पर ही दीपक ने व्यापारी के पास खत पहुंचा था। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद कर ली है।
विज्ञापन


बृहस्पतिवार को एएसपी विद्या सागर मिश्र ने पत्रकार वार्ता में बताया कि व्यापारी विष्णु मित्तल से मांगी गई दस लाख रुपए रंगदारी के मामले में नोएडा की कासना जेल में बंद सचिन नंदा से पुलिस टीम ने पूछताछ की। सचिन ने रंगदारी मांगना स्वीकार करते हुए कहा कि उससे मिलने जेल में उसका साथी बली गांव का दीपक पुत्र ईश्वर और अलावलपुर निवासी राजन आया था। उन दोनों को ही उसने खत दिया था और कहा था कि इसे व्यापारी विष्णु मित्तल तक पहुंचा देना।

तभी से ही पुलिस टीम ने दीपक और उसके साथियों की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए थे। कोतवाली प्रभारी रनवीर सिंह यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बृहस्पतिवार की सुबह बाघू रोड पर चीनी मिल के पीछे से आरोपी दीपक और उसके साथी सूरजपुर महनवा निवासी शुभम शर्मा पुत्र संतराम और बुढेड़ा के अजय उर्फ अज्जे पुत्र गोपी को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त पल्सर बाइक (यूपी17एच-2668) बरामद हुई। आरोपियों ने घटना का इकबाल किया।
विज्ञापन


यह  था मामला
बागपत। अग्रवाल मंडी टटीरी के लोहा व्यापारी विष्णु मित्तल की बागपत शहर के मेरठ रोड पर सरिया की दुकान है। छह मार्च को विष्णु अपनी दुकान में बैठे हुए थे। इसी दौरान दुकान के बाहर कार्य कर रहे कर्मचारी अनिल को बुलाकर बाइक सवार दो बदमाश उसके हाथ में खत थमाकर चले गए थे और कहा था कि इसे लाला जी को दे देना। खत से सचिन नंदा के नाम से दस लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। जिसमें लिखा था कि एक हफ्ते के अंदर रकम कासना जेल में न पहुंची तो उसे मार दिया जाएगा। इससे व्यापारी काफी भयभीत थे। 

सचिन पर दर्ज है 15 मुकदमे 
बागपत। पुलिस के मुताबिक सचिन नंदा बली गांव का रहने वाला है। वह कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर है। उस पर रंगदारी मांगने, लूट व विभिन्न धारा के 15 मुकदमे दर्ज हैं। 

रंगदारी का खत पहुंचाने वाले छात्र
बागपत। आरोपी दीपक का कहना है कि वह गांव के ही सरदार पटेल इंटर कॉलेज में कक्षा दस में पढ़ता है। उसका साथी शुभम कक्षा 12वीं का छात्र है। दोनों परीक्षा दे रहे थे। उनका साथी अजय गांव में ही खेती करता है।

कर्मचारी ने पहचान लिया दोनों बदमाशों को
बागपत। पुलिस का कहना है कि विष्णु मित्तल की दुकान पर रहने वाले कर्मचारियों ने रंगदारी का खत देने आए दोनों बदमाशों को पहचान लिया है।

सचिन के भाई ने धमकी देकर मिलने भेजा था जेल में 
बागपत। पकड़े गए आरोपी दीपक ने कहा कि उसकी सचिन से जान पहचान है। सचिन के भाई ने उसे जेल जाने को कहा था। आरोप है सचिन के भाई ने उसके साथ गाली गलौज कर धमकी दी थी। इसके बाद ही वह सचिन से मिलने जेल में गया था। सचिन ने खत देते समय गाली गलौज की थी। 

खेत में पहुंचाता था सचिन का खाना
बागपत। दीपक का कहना है उनका सचिन के घर पर आना जाना है। वे दोनों एक ही स्कूल में पढ़ते थे। हालांकि सचिन उससे काफी बड़ा है और उससे कई क्लास आगे था। फरारी के समय सचिन खेतों में छुपता था। वह उसे खाना पहुंचाता था।

शुभम को दोस्ती पड़ गई महंगी 
बागपत। पकड़े गए आरोपी शुभम का कहना है कि उसकी दीपक से दोस्ती है। छह मार्च को दीपक ने उससे बागपत चलने के लिए कहा। उसके कहने पर वह अपनी बाइक लेकर चल दिया। उसे तो इतना पता था कि दीपक दुकानदार को शादी का कार्ड देने जा रहा है। उसे रंगदारी का तो आभास भी नहीं था।

12 दिन पूर्व मिल गया था खत 
बागपत। दीपक का कहना है कि वह करीब 12 दिन पूर्व नोएडा जेल में गया था। खत मिलने के बाद उसने उसे अपने पर्स में रख लिया था। मौका मिलते ही खत को व्यापारी के पास पहुंचा दिया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन
MORE
AU ऐप में पढ़ें