रालोद ने अब यूपी से बाहर अपने कदम मजबूत करने शुरू कर दिए हैं और यही कारण है कि इस बार राजस्थान विधानसभा के चुनाव में रालोद ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगा। राजस्थान के साथ ही रालोद की हरियाणा पर भी नजर टिकी हुई है। इसका बड़ा कारण इंडिया में रालोद को तरजीह मिलना माना जा रहा है।
यूपी में जहां रालोद के एनडीए के साथ जाने की चर्चाएं चल रही थीं। उन चर्चाओं को रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने इंडिया के साथ रहने की अपनी मंशा को साफ करते हुए खत्म कर दिया है। अब केवल यूपी में लोकसभा चुनाव के लिए सीटों का बंटवारा होना बाकी है, लेकिन उससे पहले राजस्थान चुनाव पर रालोद की नजर है। जहां वर्ष 2013 के चुनाव में रालोद ने भरतपुर और मालपुरा में प्रत्याशी उतारे थे और भरतपुर में जीत मिली थी तो मालपुरा में काफी अच्छे वोट मिले थे। इस बार वहां आठ से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी है।