जैन स्थानक मंडी बड़ौत में दीक्षार्थी संभव जैन का तिलक करते जैन समाज के गणमान्य लोग
बड़ौत। जैन स्थानक मंडी बड़ौत में आयोजित संभव जैन दीक्षा महोत्सव धर्म सभा को संबोधित करते हुए तपस्वी धन्ना मुनि महाराज ने कहा कि संयम ही विश्व को शांति प्रदान कर सकता है। आज के आपाधापी और परमाणु बम के हमलों से घबराई हुई दुनिया को अगर बचाना है तो जैन धर्म के सिद्धांत संयम की आराधना करनी होगी। उन्होंने कहा कि संभव अपने संपूर्ण जीवन को जैन धर्म साधना के मुताबिक संयम की ओर अग्रसर रहे हैं। उनका यह त्याग पूरी दुनिया के सामने एक मिसाल कायम करेगा।
साध्वी विभावना महाराज साध्वी करुणा महाराज ने कहा कि जैन धर्म की प्राचीन प्रणालियां एवं संस्कृति में यह संन्यास की परंपरा प्राचीन काल से चल रही है, जिसको आज महोत्सव के रूप में बड़ौत का पुरा नगर हर्षोल्लास पूर्वक मना रहा है। आज धर्म सभा के उपरांत जैन सिंह शिखर चंद जैन परिवार की ओर से दीक्षार्थी संभव जैन को तिलक करके उनके संयम जीवन की शुभकामनाएं दी गईं।
अरिदमन जैन, दीपक जैन, नीरज जैन राखी जैन आदि ने जैन सिंह परिवार की ओर से दीक्षार्थी संभव जैन को तिलक किया। दीक्षा महोत्सव के मुख्य संयोजक डॉ. अमित राय जैन ने दीक्षा के कार्यक्रमों को बताते हुए जानकारी दी कि कल 22 जनवरी को प्रात: 10:15 बजे दीक्षार्थी संयम जैन संन्यास ग्रहण करने के उपरांत जो श्वेत वस्त्रों का साधु वेश धारण करेंगे, उस पर केसर के मंगल चिह्न अंकित किए जाएंगे। जिसको की जैन समाज में केसर कहा जाता है। केसर रस्म के दौरान साधु वेश पर अष्टमंगल स्वास्तिक इत्यादि मांगलिक चिह्न अंकित किए जाते हैं, जोकि अत्यंत पवित्र और मंगल का प्रतीक है। केसर रस्म का मुख्य संयोजन बहन मोनिका जैन संभाल रही है। धर्म सभा में शिखर चंद जैन, संजय जैन, अनुराग जैन, सुभाष चंद्र जैन, प्रवीण जैन, मनोज, घसीटू मल जैन मौजूद रहे।