बागपत। नगर पालिका और पंचायतों के वार्डों का आरक्षण तय हो गया है। जिसके बाद शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है। जहां बागपत और बड़ौत नगर पालिका में अधिकतर वार्डों का आरक्षण बदल गया है, वहीं अन्य जगहों पर भी कुछ बदलाव हुआ है। बागपत और बड़ौत के आरक्षण में बदलाव का सबसे बड़ा कारण वार्डों में पुराने मोहल्ले, कॉलोनी हटने और पुराने जुड़ने को माना जा रहा है।
निकाय चुनाव की तैयारियां तेज हो गई है और इसके लिए ही वार्डों के आरक्षण का कार्य पिछले कई दिन से चल रहा था। खेकड़ा नगर पालिका के अलावा अग्रवाल मंडी टटीरी, छपरौली, अमीनगर सराय, दोघट, टीकरी में पुराने रैपिड सर्वे के आधार पर वार्डों का आरक्षण तय होना था। तो बागपत और बड़ौत नगर पालिका के साथ रटौल नगर पंचायत में नए रैपिड सर्वे के आधार पर आरक्षण तय करने के निर्देश है।
क्योंकि रटौल नई नगर पंचायत बनी है और बागपत, बड़ौत का सीमा विस्तार किया गया है। इसलिए ही बागपत व बड़ौत में रैपिड सर्वे चलने के कारण आरक्षण तय करने में देरी हो रही थी। जहां रैपिड की मंगलवार को रिपोर्ट मिलते ही बुधवार को वार्डों का आरक्षण तय कर दिया और उसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई।
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चेयरमैन के साथ ही बदला सभासदों का गणित
बागपत और बड़ौत में सीमा विस्तार के बाद चेयरमैन के साथ ही सभासद बनने के लिए भी गणित बदल गया है। क्योंकि पिछली बार अगर किसी जाति के बाहुल वाला कोई वार्ड है, तो उस जाति का मोहल्ला और कॉलोनी उस वार्ड से कटकर दूसरी जगह जुड़ गए है। जिससे वहां सभी जाति के वोटर हो गए हैं। इस तरह से काफी बदलाव हुआ है और सभासद बनने के लिए भी काफी मेहनत करनी पड़ सकती है।
कोट...
वार्डों का आरक्षण तैयार हो गया है, जिसे शासन को भेजा गया है। वहां से उस पर मुहर लगने के बाद आपत्ति मांगी जाएगी और उसके बाद अंतिम आरक्षण जारी किया जाएगा। - राजकमल यादव, डीएम