बड़ौत। राजकीय बीज भंडार पर तैनात एडीओ कृषि रक्षा नरेशपाल ने रविवार को क्षेत्र के किसानों को पालक व अरबी फसल के लिए ऑनलाइन टिप्स दिए।
उन्होंने बताया कि पालक की पहले लगाई गई फसल की आवश्यकता होने पर सिंचाई करें और खरपतवार निकालें। जब पालक काटने लायक हो जाए तो उसके पत्तों को काटकर बंडलों में बांधें और बाजार भेजें। नई फसल के लिए खेत तैयार करें और बिजाई करें। इसकी उन्नत किस्में, जौबनेर-ग्रीन, आलग्रीन या एचएस 23 का प्रयोग करें। इसके लिए 8 किलोग्राम बीज एक एकड़ में बिजाई करने के लिए काफी होगा और खेत तैयार करते समय लगभग 20 टन गोबर की सड़ी खाद, 32 किलोग्राम नाइट्रोजन (70 किलोग्राम यूरिया) और 16 किलोग्राम फास्फोरस (100 किलोग्राम सिंगल सुपर फास्फेट) प्रति एकड़ खेत में मिलाएं और उचित नाप की क्यारियों में खेत बांट लें। बिजाई कतारों में 15-20 सेंटीमीटर की दूरी पर करें। अरबी की फसल में आवश्यकता पड़ने पर सिंचाई करें, खरपतवार निकालें और मिट्टी चढ़ाएं। खड़ी फसल में नाइट्रोजन वाली खाद (यूरिया) बिजाई के लगभग 7-8 सप्ताह बाद डालकर मिट्टी चढ़ा दें। बरसात की फसल की बिजाई का समय जून-जुलाई माह है। एक एकड़ खेत में बिजाई करने के लिए लगभग 300-400 किलोग्राम कंदों की आवश्यकता होती है। कंदों की बिजाई करने की दूरी 45-60 सेंटीमीटर कतारों में और 30 सेंटीमीटर पौधों में रखते हैं।