बागपत। निकाह के नौ साल बाद भी विवाहिता को ससुराल नहीं भेजने के मामले में हुई मिरासी बिरादरी की पंचायत में भी दोनों पक्षों के बीच सुलह नहीं हो सकी। इसके बाद विवाहिता को ले जाने की जिद पर अड़े युवक पक्ष को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। शहर में खत्ता रोड पर स्थित बरातघर में रविवार को मिरासी बिरादरी की पंचायत हुई। इसमें मेरठ के इंचौली गांव से आये फखरूद्दीन ने बताया कि उसकी बेटे का निकाह दिसंबर 2014 में बागपत की युवती से हुआ था, लेकिन विवाहिता को उनके घर नहीं भेजा गया। जिसके बाद उन्होंने कई बार विवाहिता को घर लेकर जाने का प्रयास किया, लेकिन विवाहिता को नहीं भेजा गया। उन्होंने कहा कि विवाद खत्म करने के लिए रविवार को पंचायत में घंटों बाद विवाहिता के मायके पक्ष के लोग पहुंचे। दिल्ली, हरियाणा समेत कई जिलों से आये बिरादरी के लोगों ने भी विवाद समाप्त करने का प्रयास किया। घंटों चली पंचायत में सुलह नहीं होने के कारण बेनतीजा रही।