खेकड़ा (बागपत)। खेकड़ा क्षेत्र के ग्राम निरोजपुर एम्मा के एमबीए के छात्र रणवीर को सन 2009 में देहरादून पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ में मार दिया था। तब से इस मामले में पांच पुलिसकर्मी जेल में बंद थे। शुक्रवार को पुलिस कर्मियों को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई। इससे रणवीर के परिवार का दर्द फिर उभर गया। रणवीर के पिता रविंद्रपाल ने इसके खिलाफ उच्च स्तरीय अपील करेंगे।
ग्राम निरोजपुर एम्मा का रहने वाला रणवीर सिंह एमबीए का छात्र था। 2009 में देहरादून पुलिस ने उसे फर्जी मुठभेड़ में मार दिया था। शुक्रवार को चर्चित रणवीर एनकाउंटर के दोषी पुलिसकर्मियों को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है।
तीन जुलाई 2009 में हुई मुठभेड़ के मामले में तत्कालीन इंस्पेक्टर संतोष कुमार जायसवाल, एसओजी प्रभारी नितिन चौहान, जीडी भट्ट, नीरज यादव और कांस्टेबल अजीत को जमानत मिल गई है। इस मामले में कुल 17 पुलिस कर्मियों को आजीवन कारावास की सजा हुई थी। इनमें से कुछ को तो न्यायालय ने पहले ही बरी कर दिया था।
रणवीर के पिता रविंद्रपाल और अन्य परिजनों का दर्द फिर से उबर गया है। उनका कहना है कि उनके निर्दोष पुत्र को मारने वाले दोषी पुलिस कर्मियों को जमानत मिलने से उनके जख्म हरे हो गए हैं। वे अपने अधिवक्ताओं से वार्ता कर इसके खिलाफ उच्च स्तरीय अपील करेंगे।