रटौल। मंसूरपुर गांव में किसानों की बैठक हुई। इसमें गन्ना बकाया का मूल्य भुगतान की मांग को लेकर चर्चा की गई। बैठक में किसानों ने गन्ना बकाया का ब्याज सहित भुगतान कराने की मांग की।
मंसूरपुर गांव में प्रधान ओमवीर के आवास पर हुई किसानों की बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पेराई सत्र शुरु हुए तीन महीने से अधिक का समय बीतने के बाद भी अभी तक गन्ने का लाभकारी मूल्य घोषित नहीं किया है। किसानों की पर्ची भी समय से जारी नहीं की जा रही है। किसान कोल्हू पर कम दाम में गन्ना डालने के लिए विवश होना पड़ रहा है। किसानों का काफी गन्ना खेतों में खड़ा हुआ है, जिससे किसानों को गर्मी में गन्ने की छिलाई करने के लिए विवश होना पड़ेगा। गन्ने का मूल्य घोषित न होने के कारण किसान असमंजस में है। इसके अलावा अभी तक पिछले सत्र के बकाए का भुगतान नहीं हुआ है। गन्ना बकाया का मूल्य भुगतान न होने से किसानों को आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। मौके पर महिपाल सिंह, सचिन, वेद सिंह, सुंदर, जय नारायण, महिपाल, सतपाल, महावीर, गौरव, पप्पू, तरुण मौजूद रहे।
आवारा पशुओं की समस्या से निजात दिलाने की मांग
दाहा। भड़ल गांव में किसानों की बैठक हुई। इसमें आवारा पशु और गन्ना बकाया का मूल्य भुगतान कराने की मांग की गई। बैठक में रालोद नेता पुष्पेंद्र राणा ने कहा कि आवारा पशु किसानों की फसल को बर्बाद कर रहे हैं। किसान दिनभर खेतों में काम करने के बाद रातभर फसलों की रखवाली करने के लिए विवश है। इसके अलावा चीनी मिलें किसानों का करोड़ों रुपये दबाए बैठी हैं। कई बार मांग करने के बाद भी किसानों के बकाया का भुगतान नहीं किया जा रहा है। गन्ना बकाया का मूल्य भुगतान न होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने किसानों की समस्या का समाधान कराने के लिए प्रदेश सरकार से आवारा पशु से निजात दिलाने और गन्ना बकाया का ब्याज सहित भुगतान कराने की मांग की। समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। बैठक में डॉ. सुदेश, कृष्णपाल, इंद्रपाल, राजीव, रवि, देवव्रत, चांद, छोटू, सोनू राणा, सूरज मौजूद रहे।