बागपत। बारिश के कारण गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन किसानों की मुश्किलें बढ़ गई। गन्ने का तौल और बुआई का कार्य प्रभावित होगा। कुछेक किसान अभी भी गेहूं की थ्रेसिंग में जुटे हैं, ऐसे में उनके सामने मुश्किल खड़ी हो गई है। बृहस्पतिवार को दिनभर कड़ी धूप खिलने से गर्मी अधिक रही। दोपहर बाद मौसम बदलना शुरू हुआ। धूल भरी हवा चली। दिन में ही अंधेरा छा गया। कुछ देर बाद ही बारिश शुरू हो गई। करीब एक घंटे तक बारिश होती रही। इससे नगर में जगह-जगह जलभराव हो गया है। ईंख की बुआई की तैयारी में जुटे किसानों को अभी इंतजार करना पड़ेगा। कुछेक किसान ऐसे भी हैं, जो भी गेहूं की थ्रेसिंग कर रहे थे। ऐसे में थ्रेसिंग का कार्य नहीं हो सकेगा। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ गजेंद्र पाल सिंह का कहना है कि अगर आंधी नहीं चलती है तो आम या अन्य फलों की फसल को किसी तरह का नुकसान नहीं है। हवा चलने से नुकसान हो सकता है। किसानों के अन्य कार्य जरूर पिछड़ जाएंगे। इसके अलावा चारे की फसल बोने की तैयारी कर रहे किसानों को अब खेत की सिंचाई करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।