बागपत जनपद के बड़का, लहौड्डा, असारा, जिवाना के रेलवे अंडरपास बारिश के दिनों में केवल समस्या बढ़ाने का ही काम कर रहे हैं। गांवों की ओर जाने वाले रास्ते पर बने अंडरपास ग्रामीणों के लिए मुसीबत का सबब बन गए हैं।
तड़के से हो रही बारिश में ये अंडरपास फिर से तरणताल बन गए। इन रेलवे अंडरपास में कई-कई फीट तक पानी भरा हुआ है। बारिश जारी रहने से जलभराव का स्तर भी बढ़ता जा रहा है। पैदल राहगीर तो किसी भी तरह इन्हें पर नहीं कर सकता, उल्टा वाहन भी इनमें फंसकर खड़े हो रहे हैं।
पानी की निकासी का कोई प्रबंध नहीं हो सका है जिस कारण दर्जनों गांवों को जोड़ने वाले ये अंडरपास ही इन गांवों को अलग-थलग करने का मुख्य कारण बन गए हैं। कई वाहन इनमे फंस गए, जिन्हें ट्रैक्टर की मदद से बमुश्किल निकाला जा सका।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश थमने के बाद भी इनमे तीन-चार दिनों तक पानी भरा रहता है। रेलवे द्वारा बनाये गए ये अंडरपास सुविधा देने के बजाय गले की फांस बन चुके हैं।
बता दें कि बड़का रेलवे अंडरपास में पिछले साल जलभराव में एक व्यक्ति की डूबकर मौत भी हो गई थी, लेकिन इसके बाद भी रेलवे प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। ग्रामीण लगातार रेलवे अंडरपास के पानी निकासी की मांग कर रहे हैं।