बागपत/बड़ौत। जिले में बुधवार रात से सुबह तक लगातार बारिश होती रही। बारिश के कारण फाॅल्ट से शहरों समेत करीब 150 गांवों में रातभर बत्ती गुल रही। बारिश से रास्तों में जलभराव व कीचड़ हो गई, जिससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। बारिश से सरसों व आलू समेत सब्जी की फसलों को नुकसान है वहीं गेहूं के लिए फायदेमंद बताई जा रही है। जिले में 21.5 मिली बारिश रिकार्ड की गई।
बुधवार दोपहर में शुरू हुई बारिश रुक-रुककर होती रही। बारिश रात में ज्यादा बढ़ गई और बृहस्पतिवार सुबह तक कई बार झमाझम बारिश हुई, जिससे लोगों को ठंडक का अहसास ज्यादा होने लगा। यहां अधिकतम तापमान 19 डिग्री तो न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। बारिश से सड़कों और बाजारों में लोगों की आवाजाही सुबह कम रही। बारिश बंद होने पर दोपहर को धूप निकली और लोग भी घरों से बाहर निकले।
विद्युत लाइनों में फाल्ट आने से गुल रही बत्ती
बारिश से बुधवार शाम ही बागपत, बड़ौत, खेकड़ा समेत काफी गांवों में लाइनों में फाल्ट होने के कारण बत्ती गुल हो गई थी। शहरों में कई जगह विद्युत कर्मियों ने लाइनों को ठीक किया, लेकिन उसके बाद अन्य जगह फाल्ट हो जाता था। लाइनों में फाल्ट होने से बुधवार रात बागपत, बड़ौत, खेकड़ा में बत्ती गुल रही तो करीब 150 गांवों में बिजली आपूर्ति नहीं हो सकी।
ऊर्जा निगम के एसई केपी खान ने बताया कि फाल्ट ठीक करने के लिए निगम के कर्मचारी लगे हुए हैं। बागपत व बड़ौत में बृहस्पतिवार दोपहर बाद बिजली आपूर्ति सुचारू हो गई थी। बिजली नहीं आने से बृहस्पतिवार सुबह पानी की सप्लाई भी नहीं हो सकी और लोगों की परेशानी बढ़ गई।
जल निकासी नहीं होने से जलभराव, कीचड़ भी हुआ
बारिश के कारण बागपत, बड़ौत, खेकड़ा में काफी जगह जलभराव व कीचड़ हो गया। लोगों को रास्तों से निकलने में परेशानी झेलनी पड़ी। सिनौली, मलकपुर, बावली, हिलवाड़ी, जौनमाना, ढिक़ाना, बड़ौली, दोघट, दाहा, बरनावा, सिरसली, बामनौली, रटौल समेत अन्य जगहों पर लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ा। अधिकतर गांवों में पानी निकासी नहीं होने से जलभराव की समस्या बनी रही।
सरसों की फसल गिरी तो आलू में गलन, गेहूं को फायदा
कृषि वैज्ञानिक अंकित नेगी के अनुसार बारिश से सरसों, आलू, मटर, चना आदि फसलों को नुकसान होगा। काफी जगह सरसों की फसल गिर गई है, जिससे उसका उत्पादन प्रभावित होगा। जबकि गेहूं की फसल के लिए बारिश फायदेमंद साबित होगी। बारिश गेहूं के उत्पादन पर सिंचाई की लागत को काफी हद तक बचाएगी। आलू में गलाव होने के कारण किसानों को नुकसान झेलना पड़ सकता है। गौना के ओमदत्त यादव, लहचौड़ा के राजू शर्मा, बड़ौत के बलबीर, इन्द्रराज, पुष्पेन्द्र आदि ने बताया कि बारिश के कारण सरसों व आलू समेत अन्य सब्जियों की फसलों को नुकसान होता दिख रहा है।