परशुरामेश्वर महादेव मंदिर स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए सांसद डाॅ. सत्यपाल सिंह ने सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने प्रस्ताव रखा था। जिस पर कार्य योजना तैयार करते हुए ड्राइंग बनवाकर अनुमानित बजट तय किया गया। यह बजट करीब 78 करोड़ रुपये है। इसकी पूरी फाइल मुख्यमंत्री के पास भेज दी गई है। जहां से इस पर मुहर लगनी बाकी है।
भगवान शिव के पौराणिक रूप की मूर्तियां होंगी, नंदी तालाब बनेगा
जिस तरह की ड्राइंग तैयार कराकर मुख्यमंत्री को भेजी गई है। उसके अनुसार सबसे पहले आकर्षक मुख्य द्वार होगा। जिससे अंदर जाते ही भगवान शिव के सभी पौराणिक स्वरूपों की मूर्तियां कुछ दूरियों पर काफी आगे तक लगाई जाएंगी। उस रास्ते के बीच में काफी बड़ा नंदी तालाब होगा। इनके साथ ही हिंडन नदी के किनारे पर ऑडिटोरियम बनाया जाएगा, जिसमें बड़े कार्यक्रम कराए जा सकें। इसके अलावा पुजारियों के लिए भवन होंगे और कांवड़ियों के लिए अलग से जगह रहेगी। गेस्ट हाउस, पार्किंग समेत अन्य काफी चीजों को शामिल किया गया है।
परशुरामेश्वर महादेव मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री, सांसद व प्रशासन का प्रयास सराहनीय है। इसको लेकर कार्य तेजी से होगा। यहां विकास भी उसी तेजी से होगा और बाहर से श्रद्धालु यहां पहुंचेंगे। - पंडित जयभगवान शर्मा, मुख्य पुजारी पुरा महादेव मंदिर
पुरा महादेव मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए पूरी कार्य योजना तैयार हो चुकी है। उसकी ड्राइंग भी बन चुकी है और उसका प्रस्ताव भी मुख्यमंत्री के पास पहुंच चुका है। वहां करीब 78 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पुरा महादेव मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाता है तो इससे विकास की उम्मीद ज्यादा बढ़ जाएगी। - डाॅ. सत्यपाल सिंह, सांसद