बागपत। जल जीवन मिशन के तहत जिन गांवों में टंकियों का निर्माण पूरा हो चुका है, उनको शुरू कराने की तैयारी की जा रही है। मगर पेयजल लाइन बिछाने के लिए गांवों की सड़क व गलियों को उखाड़ने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। क्योंकि उन गलियों को ठीक नहीं किया जा रहा है और ग्रामीण लगातार अधिकारियों के पास चक्कर लगा रहे हैं।
यहां 174 गांवों का चयन कर करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल टंकियों का निर्माण शुरू कराया गया। 61 गांवों में पेयजल टंकियों का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि 112 गांवों में पेयजल टंकियां निर्माणाधीन हैं और एक गांव में निर्माण अटका हुआ है। जिन गांवों में टंकी बनकर तैयार हैं, उनको जल्द शुरू कराया जाएगा। इससे लोगों को पानी जरूर मिलेगा, लेकिन उससे ज्यादा उनकी परेशानी बढ़ा दी गई है।
-
खैला में निर्माण धीमा, रास्ते खोदकर छोड़े
खैला गांव में पेयजल आपूर्ति के लिए पेयजल टंकी का निर्माण धीमी गति से चल रहा है। जहां पाइपलाइन दबाने के लिए रास्ते खोदकर छोड़ दिए गए। ग्रामीण सतेंद्र, विक्रम आदि ने बताया कि पेयजल टंकी के नलकूप की दीवार भी धंस गई है। खोदकर छोड़े गए रास्तों में ठोकर लगने से ग्रामीण घायल हो रहे हैं। उन्होंने रास्ते ठीक करवाने की मांग की।
डौला गांव की गलियों में गड्ढों में फैली कीचड़
डौला गांव में पेयजल टंकी का निर्माण पूर्ण हो चुका है और पाइपलाइन से पेयजल आपूर्ति भी शुरू करा दी गई। लेकिन पाइपलाइन के लिए खोदे गए गड्ढों को नहीं भरवाया गया। इस कारण रास्तों में कीचड़ फैली हुई है। उधर ग्रामीण राजेश, बिजेंद्र आदि ने बताया कि निर्माण करने वाली कंपनी के अधिकारियों से भी शिकायत की गई, लेकिन रास्ते ठीक नहीं कराए।
मिट्टी और कंकरीट से गड्ढे भरकर छोड़े, बरसात में बढ़ेगी समस्या
नंगला पोइस गांव में पिछले दो महीने से टंकी का निर्माण पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। जहां मिट्टी और कंकरीट डालकर रास्तों में के गड्ढे भरवा दिए। जिन पर सीमेंट भी नहीं डाला गया। अब बरसात का सीजन नजदीक आ गया है। बरसात में ग्रामीणों की समस्या ज्यादा बढ़ जाएगी।
गढ़ी कलंजरी में खोदे गए रास्तों से आवागमन दूभर
गढ़ी कलंजरी में पाइपलाइन दबाने के लिए खोदे गए रास्तों से ग्रामीणों का आवागमन दूभर हो गया है। ग्रामीण संदीप, अजय, अरुण ने बताया कि गड्ढों में फंसने से दुपहिया वाहन सवार गिरकर घायल हो रहे है।
-
इन गांवों में भी रास्ते खराब
जिले के हसनपुर जिवानी, पूरनपुर नवादा, दत्तनगर, डूंडाहेड़ा, बालैनी, पिचौकरा, बिजवाड़ा, हलालपुर, लहचौड़ा, मवीकलां, दत्तनगर समेत अन्य गांवों में रास्तों की हालत ठीक नहीं है।
ग्रामीण बोले
-पेयजल टंकी की पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदे गए गड्ढों ने परेशानी बढ़ा दी है। पैदल चलने वाले ठोकर लगने से घायल हो जाते हैं तो दुपहिया वाहनों के पहिये गड्ढों में फंस जाते हैं। - रोबिन कुमार, खैला
-पाइपलाइन के लिए खोदे गए रास्तों से आवागमन कठिन हो गया है। रास्ते में कहीं भी गड्ढा होने से बुजुर्ग घायल होते रहते हैं, जबकि बार-बार मांग करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं कराया जा रहा। - नवल किशोर, गढ़ी कलंजरी
-
करीब दो साल से पेयजल टंकी का निर्माण चल रहा है, तभी पाइपलाइन के लिए गड्ढे खोदे गए। अभी तक पेयजल टंकी भी नहीं बनी और न ही रास्ते ठीक कराए गए। इसके लिए कई बार अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है। - लक्ष्मी देवी, प्रधान दत्तनगर
-पिछले दो महीने से टंकी का निर्माण कार्य पूरी तरह ठप है। शिकायत करने पर गड्ढे भरने में लीपापोती की गई। इस कारण रास्तों की हालत अभी भी ठीक नहीं है। - राकेश कुमार, प्रधान नंगला पोइस।
-
पेयजल टंकी का निर्माण अभी पूर्ण नहीं हुआ, जबकि नलकूप की दीवारें अभी से धंसने लगीं हैं। इससे दीवार कभी भी गिर सकती है। पेयजल टंकी का निर्माण गुणवत्तापूर्ण ढंग से कराकर रास्ते ठीक कराए जाए। - गीता देवी, प्रधान खैला
वर्जन-
पेयजल टंकियों का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें 61 पूर्ण हो चुकी हैं और पेयजल सप्लाई शुरू करा दी गई। बाकी में पाइपलाइन की टेस्टिंग से लेकर अन्य स्तर पर कार्य चल रहा है। जल्द ही सभी रास्ते ठीक करा दिए जाएंगे। - अमित कुमार वर्मा, अधीशासी अभियंता, जल निगम।