-एनएचएआई के चेयरमैन संतोष यादव ने कॉरिडोर निर्माण का निरीक्षण किया, डीएम ने कई मुद्दों पर की चर्चा
-कॉरिडोर के अंडरपास की ऊंचाई बढ़ाई जाएगी तो निर्माण के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों को ठीक कराया जाएगा
-दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर कलक्ट्रेट के पास दो फुट ओवरब्रिज बनाए जाएंगे, इस्टीमेट तैयार हो रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। दिल्ली-देहरादून इकॉनमिक कॉरिडोर का निर्माण अगस्त 2024 तक पूरा करने का समय भले ही निर्धारित हो। लेकिन इसका निर्माण मार्च 2024 तक पूरा करने की तैयारी है और इसके लिए तेजी से कार्य कराया जा रहा है। इस कार्य का निरीक्षण करने के लिए ही बुधवार को एनएचएआई के चेयरमैन संतोष यादव बागपत पहुंचे।
चेयरमैन संतोष यादव ने कॉरिडोर निर्माण का निरीक्षण करने के बाद जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के साथ बैठक की और कॉरिडोर के कारण होने वाली समस्याओं पर चर्चा की गई। चेयरमैन संतोष यादव ने बताया कि इकॉनमिक कॉरिडोर का बागपत में 42 किमी हिस्सा है। उनके अनुसार यहां कॉरिडोर के लिए अधिग्रहण की गई किसी भी भूमि को लेकर विवाद नहीं है। उन्होंने बताया कि अगस्त 2024 तक कॉरिडोर का निर्माण होना है, लेकिन जिस तरह से काम हो रहा है। उसको देखते हुए मार्च 2024 तक कार्य पूरा होने की उम्मीद है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने चेयरमैन से कहा कि बागपत में गन्ना खेती ज्यादा होती है और कॉरिडोर के अंडरपास की ऊंचाई चार मीटर होने के कारण गन्ने की ट्राॅली को निकालने में परेशानी होगी। इसलिए उसकी ऊंचाई को बढ़ाया जाए जो पांच मीटर तक होने पर समस्या का समाधान हो जाएगा। जिन जगहों पर कार्य हो गया है, वहां सर्विस लेन से इस समस्या का समाधान किया जाए। जिन जगहों पर कॉरिडोर निर्माण के दौरान सड़के क्षतिग्रस्त हुई है, उनका लोनिवि से आंकलन कराया जाएगा और उनको एनएचएआई से बनवाया जाए। खेकड़ा पाठशाला मार्ग पर कॉरिडोर निर्माण के कारण नाला बंद होने से पानी की निकासी रुकी है। उसको भी एनएचएआई चेयरमैन को दिखवाया गया और उस समस्या का जल्द समाधान कराया जाएगा।
कलक्ट्रेट व कचहरी के सामने फुट ओवरब्रिज बनेंगे
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर कलक्ट्रेट, कचहरी, जिला अस्पताल, विकास भवन समेत अन्य कई कार्यालय है। जहां रोजाना हजारों लोग आते है और उनको नेशनल हाईवे पार करना पड़ता है। वहां कई बार हादसा हो चुका है। इसको देखते हुए वहां फुट ओवरब्रिज बनवाने की बात कही गई है। जिसके लिए एनएचएआई के अधिकारी एस्टीमेट बना रहे है। जहां जल्द ही फुट ओवरब्रिज बनने की उम्मीद है।