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सुविधाओं के दावे खूब, हकीकत में निकले खोखले

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बड़ौत का रेलवे स्टेशन - फोटो : BAGHPAT
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बागपत/बड़ौत। रेलवे स्टेशनों पर सुविधाएं बढ़ाने के दावे खूब किए जाते हैं, लेकिन मूलभूत सुविधाओं के लिए ही यात्रियों को तरसना पड़ रहा है। यहां के स्टेशनों पर पीने के पानी और शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है। अग्रवाल मंडी टटीरी और खेकड़ा रेलवे स्टेशन पर टिकट आरक्षण तक की व्यवस्था नहीं है। टिकट वितरण की केवल एक खिड़की है।
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दिल्ली-शामली वाया बागपत रेलवे लाइन पर बागपत जिले में तीन मुख्य स्टेशन हैं। इनमें बड़ौत मुख्य स्टेशन है तो उसके बाद बागपत रोड व खेकड़ा स्टेशन है, लेकिन इन तीन मुख्य स्टेशनों पर ही मूलभूत सुविधाओं के लिए यात्रियों को जूझना पड़ रहा है। बड़ौत स्टेशन पर पुराने शौचालयों पर दरवाजे नहीं हैं और वे जर्जर हो चुके हैं।
स्टेशन पर 22 लाख रुपये की लागत से नए शौचालय बनवाए गए थे। नए शौचालय बनने के बाद से कुछ दिन खोले गए, लेकिन अब उन पर ताला लटका रहता है। पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं है। आरओ तो लगा ही नहीं है, एक टंकी लगी हुई है, जिसमें पानी कभी-कभी आता है।
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अग्रवाल मंडी टटीरी में बागपत रोड रेलवे स्टेशन पर पानी की समस्या तो है ही। यहां न टिकट आरक्षण की खिड़की है और सामान्य टिकट के लिए भी केवल एक ही खिड़की है, जो कई बार बंद रहती है। खेकड़ा स्टेशन का हाल भी ऐसा ही है। यहां शौचालय नहीं है और पेयजल के लिए भी केवल एक टंकी का सहारा है। वहां आरओ तक नहीं लगाया गया है। वहां भी टिकट आरक्षण के लिए कोई सुविधा नहीं है। इस तरह से मुख्य स्टेशनों पर ही व्यवस्थाएं ठीक नहीं है।
सांसद के निरीक्षण व रेल में सफर करने के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था
सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह ने मुख्य स्टेशनों पर सुविधाएं नहीं होने का पता चलने पर बड़ौत से लेकर खेकड़ा तक 20 अप्रैल को ट्रेन में सफर किया था। इन स्टेशनों पर उन्होंने सुविधाओं की स्थिति को देखा और ट्रेन में यात्रियों से बातचीत की थी। यात्रियों ने परेशानियों के बारे में बताया था। सांसद ने अधिकारियों से इन सभी समस्याओं को दूर करने के लिए कहा था, लेकिन अभी तक समस्याओं का समाधान नहीं हो सका।
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हर सप्ताह दो से तीन बार मोबाइल का सामान लेने दिल्ली जाना पड़ता है। जब कई बार स्टेशन पर खड़े होकर ट्रेन का इंतजार करना पड़ता है, तो वहां शौचालय की सुविधा नहीं होने पर परेशानी होती है। पानी की व्यवस्था भी खुद ही करनी पड़ती है। - प्रदीप कुमार निवासी बड़ौत
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रेलवे स्टेशन पर शौचालय की सुविधा नहीं है और टिकट वितरण की केवल एक ही खिड़की है। एक खिड़की पर भीड़ ज्यादा होने से महिलाओं के साथ कई बार अभद्रता हो चुकी है। स्टेशन पर के लिए हैंडपंप ही सहारा है। समस्याओं का समाधान जल्द होना चाहिए। - रिजवान निवासी खेकड़ा
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बागपत रोड स्टेशन पर टिकट खिड़की एक ही होने से सबसे ज्यादा परेशानी होती है तो यहां आरक्षण खिड़की भी नहीं है। यहां हरिद्वार वाली ट्रेन भी रुकना शुरू हो जाए तो समस्या का काफी समाधान हो सकता है। - सलेकचंद निवासी बली
कोट...
- शौचालय पर ताला लगाने का कारण यह है कि इनमें असामाजिक तत्व तोड़फोड़ कर जाते हैं। इसलिए जब यात्री आते हैं तो इनको खुलवा दिया जाता है। अन्य सुविधाएं भी बेहतर की जा रही हैं और यात्रियों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। - सुधीर शर्मा, स्टेशन अधीक्षक बड़ौत

बड़ौत रेलवे स्टेशन स्थित पब्लिक टॉयलेट पर लटके ताले- फोटो : BAGHPAT

बड़ौत रेलवे स्टेशन पर नीचे बैठ कर पानी पीता युवक- फोटो : BAGHPAT

यात्री प्रदीप कुमार- फोटो : BAGHPAT

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