बड़ौत। जलभराव की समस्या से क्षुब्ध लूंब गांव के ग्रामीणों ने शनिवार को तहसील पहुंचकर धरना दिया। इस दौरान ग्रामीण डीएम को धरने पर बुलाने की जिद पर अड़ गए, हालांकि काफी समझाने के बाद एसडीएम ने उन्हें धरने से उठाया। ग्रामीणों ने एक सप्ताह के अंदर समस्या का समाधान न होने पर तहसील मुख्यालय पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी।
धरने पर बैठे ग्रामीणों का कहना था कि गांव में पानी निकासी की कोई भी व्यवस्था नहीं है, जिस कारण हल्की सी बरसात में ही गांव की गलियां पानी से लबालब को जातीं हैं। अब तो हालत ऐसे बने गए है कि हर समय गांव की गलियों में पानी भरता रहता है, जिस कारण स्कूल आने-जाने वाले बच्चों के अलावा गांव की महिलाओं व युवतियों को भी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। काफी समय से पानी गलियों में रुका हुआ है, जिस कारण अब गांव में संक्त्रसमक रोग फैलने का खतरा बन गया है।
इस दौरान ग्रामीण डीएम को धरने पर बुलाने की जिद पर अड़ गए। सूचना पर तहसील दिवस से एसडीएम सुभाष सिंह उनके बीच पहुंचे और किसी तरह उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया और गांव का निरीक्षण कर समस्या का हल कराने का आश्वासन दिया। इस पर ग्रामीणों ने एसडीएम को सात दिन का अल्टीमेटम दिया और कहा कि यदि समस्या का हल नहीं होता तो इस बार ग्रामीण भूख हड़ताल करेंगे। धरने पर मौजूद लोगों में राजीव, शिखरचन्द, समरपाल, सुरेन्द्र, कमल, देवेन्द्र, सौरभ शामिल रहे।