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Baghpat News: आवारा गोवंश को लेकर दो समुदाय के लोग आमने-सामने

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बावली गांव में शमशान घाट के बाहर जमा लोगों की भीड़।
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- बावली गांव में एक पक्ष ने गोवंश पकड़े, तो दूसरे पक्ष के लोगों ने पुलिस को बुलाकर मुक्त कराया
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- तनावपूर्ण स्थिति के चलते पुलिस बल तैनात, पंचायत कर जताई नाराजगी
फोटो संख्या 10
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। बावली गांव के जंगल में फसलों को बर्बाद कर रहे आवारा गोवंश को बृहस्पतिवार की देर शाम ग्रामीणों द्वारा एकत्रित कर कब्रिस्तान में रोेके जाने के बाद दूसरे समुदाय के लोगों द्वारा गांव में पुलिस बुलाकर आवारा गोवंशों को मुक्त कराए जाने के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। जिससे गांव में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। जिसके बाद ग्रामीणों ने पंचायत कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। पंचायत में निर्णय लिया गया कि यदि उन्हें आवारा गाेवंश से निजात नहीं मिली, तो ग्रामीण आंदोलन शुरू कर देगें।

बृहस्पतिवार की देर शाम ग्रामीणों ने खेतों में फसल नष्ट कर रहे सभी आवारा गोवंश को एकत्रित कर गांव में स्थित कब्रिस्तान में ले गए। जिस पर दूसरे समुदाय के लोगाें ने पुलिस को बुलाकर आवारा गोवंश को मुक्त करा दिया। ग्रामीणों ने पुलिस कर्मियों को बताया कि डीएम ओर एसडीएम के आश्वासन के बाद ही उन्होंने गोवंश को गोशाला में छोड़े जाने के लिए एकत्रित किया है, लेकिन पुलिस कर्मियों ने ग्रामीणों की एक ना सुनी और सभी गोवंश को मुक्त करा दिया। जिसके बाद ग्रामीणों में रोष व्याप्त हो गया और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। साथ ही दूसरे पक्ष के लोगों को खरी-खोटी सुनाई। इसको लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
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तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर भेजा गया। बाद में ग्रामीणों ने पंचायत कर पुलिस प्रशासन के रवैये को लेकर नाराजगी जताई और डीएस से मिलने का निर्णय लिया। प्रधान गौरव तोमर ने बताया कि आवारा गोवंश किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे है, डीएम से इस संबंध में शिकायत भी की गई थी। उन्होंने डीएम से इस मामले में हस्तक्षेप कर आवारा गोवंश से निजात दिलाएं जाने की मांग की।
इंस्पेक्टर जनक सिंह चौहान का कहना है कि कुछ लोगों ने शिकायत की थी कि कब्रिस्तान में गोवंश दो दिनों से बंद है, जिसके बाद मौके पर पुलिस कर्मियों को भेजकर गोवंश को मुक्त करा दिया गया था। तनावपूर्ण स्थिति जैसी कोई बात नहीं है। यदि ग्रामीणों के पास अनुमति है, तो वे गोशाला में गोवंश को छुड़वा सकते है। मांग करने वालों में सोनू, प्रमोद, अनिल, मनोहर, दीपक, जयवीर, प्रवेंद्र, इकबाल, महिपाल शामिल रहे।
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बावली गांव में स्थित कब्रिस्तान में ग्रामीणों द्वारा गोवंश को एकत्रित किए जाने के मामले में देर रात एसडीएम सुभाष सिंह और सीओ सविरत्न गौतम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जहां पर उनकी ग्रामीणों के साथ तीखी नोकझोंक हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने उन पर लाठीचार्ज भी किया और हाथ तोड़ने की धमकी तक दी। ग्रामीणों ने इसका सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल भी किया। इसको लेकर ग्रामीणों में रोष है, हालांकि सीओ सविरत्न गौतम ने बताया कि कोई लाठीचार्ज नहीं हुआ। 200 से 300 लोग बिना वजह हंगामा कर रहे थे, उन्हें समझा-बुझाकर शांत करा दिया गया है और गोवंश को मुक्त करा दिया गया है। फिलहाल गांव में शांतिपूर्ण व्यवस्था है। किसी प्रकार का तनाव नहीं है।
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