बागपत। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के भाई व परिवार की जमीन के मालिक लुहारी और बड़ौत के लोग बने हैं। कोताना में मौजूद उनकी शत्रु संपत्ति घोषित हो चुकी करीब 13 बीघा जमीन की बृहस्पतिवार को 1.38 करोड़ रुपये में नीलाम हुई। इसको तीन फर्म के नाम खरीदा गया और अब उन फर्म के नाम ही यह संपत्ति दर्ज की जाएगी।
पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ का परिवार वर्ष 1943 में कोताना से दिल्ली जाकर रहने लगा था और उनका परिवार वर्ष 1947 में बंटवारे के समय पाकिस्तान में चला गया था। मगर उनके परिवार की हवेली व खेती की जमीन कोताना में मौजूद थी। जिसमें परवेज मुशर्रफ की जमीन बेच दी गई थी तो उनके भाई डाॅ. जावेद मुशर्रफ व परिवार के सदस्यों की जमीन को पंद्रह साल पहले शत्रु संपत्ति में दर्ज कर दिया गया था।
मगर इस जमीन की पहचान इनके नाम से होती है। इसमें से बांगर की करीब 13 बीघा शत्रु संपत्ति की नीलामी शत्रु संपत्ति अभिरक्षक विभाग ने बृहस्पतिवार को कराई है। यह 13 बीघा जमीन नौ खसरों में मौजूद है और खसरों के अनुसार इसकी अलग-अलग बोली लगी। जिसको बड़ौत की फर्म पंकज ट्रेडर्स, चांद ट्रेडर्स के अलावा एक अन्य की फर्म ने खरीदा है।
- नीलामी के रुपये जमा होने पर सार्वजनिक होंगे फर्म के नाम
शत्रु संपत्ति अभिरक्षक विभाग ने अभी तक जिला प्रशासन को भी जमीन खरीदने वाली फर्मों के नाम नहीं बताए हैं। अधिकारियों ने वहां संपर्क किया तो बताया गया कि शत्रु संपत्ति खरीदने वाली फर्म के नाम अभी इसलिए सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हैं, क्योंकि उनके अभी रुपये जमा होने हैं। रुपये जमा होने के बाद नाम सार्वजनिक किए जाएंगे और इसके लिए विभाग से एडीएम को पत्र भेजा जाएगा। उसमें उन तीनों फर्म के नाम रहेंगे, जिनके नाम जमीन दर्ज की जाएगी।
- अब खादर की जमीन की नीलामी की प्रक्रिया होगी
कोताना में कुछ शत्रु संपत्ति खादर तो कुछ बांगर के रिकाॅर्ड में दर्ज है। इनमें फिलहाल बांगर की संपत्ति की नीलामी कराई है। अब खादर की शत्रु संपत्ति की नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए संपत्ति के आधार मूल्य के लिए सर्वे किया जाएगा और उसके बाद ही आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
- भारत सरकार के शत्रु संपत्ति अभिरक्षक कार्यालय से संपत्ति लेने वाली तीन फर्म के नाम सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हैं। यह कहा जा रहा है कि रुपये जमा होने के बाद नाम सार्वजनिक किए जाएंगे। यह जरूर पता चला है कि तीन फर्म के नाम जमीन की नीलामी छूटी है। - पंकज वर्मा, एडीएम