बागपत। जिले में धान की खरीद के लिए तीन क्रय केंद्र बनाये गए हैं, लेकिन एक भी किसान धान बेचने नहीं पहुंचा। उधर, जिले में 3635 हेक्टेयर भूमि में धान की खेती हो रही है। इसके बाद भी पिछले पांच साल में धान की खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं किया जा सका।
जिले की तीनों तहसील क्षेत्र में धान खरीद के लिए क्रय केंद्रों खोले गए हैं, जहां पर प्रशासन की ओर से धान की मोटा बासमती की किस्म खरीदी जाएगी। इसके लिए बागपत का विपणन कार्यालय, बड़ौत का एफसीआई और खेकड़ा में नवीन मंडी में केंद्र बनाया है। शासन से निर्धारित 2183 रुपये क्विंटल के हिसाब से धान खरीदा जाएगा। इसके लिए जिले को 50 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। दोनों प्रजाति की धान को बेचने के लिए किसानों को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए जनसेवा केंद्रों पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने की व्यवस्था भी की गई है। जिले में धान की कटाई शुरू हो गई है और धान निकलने लगा है, लेकिन बागपत जिले में बने तीनों क्रय केंद्रों पर किसान धान बेचने नहीं पहुंचे। उधर, पिछले पांच साल के रिकार्ड पर नजर डालें तो एक बार भी जिला विपणन विभाग धान खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं कर पाया।
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ये है पिछले पांच साल का धान खरीद का रिकार्ड (मीट्रिक टन में)
वर्ष लक्ष्य हासिल
2018-19 300 00
2019-20 50 00
2020-21 300 2.415
2021-22 50 2.80
2022-23 50 00
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वर्जन-तीनों केंद्रों पर धान की खरीद शुरू कर दी गई है। एक किसान ने पंजीकरण कराया था, लेकिन वह अभी तक नहीं आया है। मोटा धान खरीद के लिए किसानों से संपर्क भी किया जा रहा है। जिले में ज्यादातर बासमती से लेकर अन्य प्रजातियों की पैदावार होती है, जबकि मोटा धान कम उगाया जाता है। अरुण कुमार, जिला विपणन अधिकारी।