बड़ौत- मुजफ्फरनगर मार्ग पर बस में चढ़ने के लिए लगी भीड़
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बड़ौत। यातायात माह की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कहने को तो स्थानीय पुलिस और यातायात पुलिस स्कूल, कॉलेजों में प्रतिदिन जाकर बच्चों को यातायात के नियमों का ज्ञान करा रहे हैं, लेकिन धरातल पर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।
यातायात माह में एक बाइक पर चार-चार सवारियां, स्कूली वाहन, ई-रिक्शा में भूसे की तरह भरे बच्चे, टैंपो और अन्य डग्गामार में छत व खिड़की पर लटककर सफर करते यात्री इन पुलिस अधिकारियों को दिखाई नहीं दे रहे। पुलिस चौकियों के सामने से इस तरह के वाहन नियमों का खूब उल्लंघन करते हुए आते-जाते रहते हैं, लेकिन यातायात पुलिस से लेकर स्थानीय पुलिस इनके खिलाफ कोई कदम नहीं उठा रही।
एक ई-रिक्शा जिसमें अधिक से अधिक पांच बच्चों के बैठने की जगह होती है, उसमें 20-20 बच्चों को बैठाया जाता है। कुछ बच्चों को सीट मिल जाती है, तो कुछ कमजोर खोखले पाइप पर बैठ जाते हैं तो कुछ रिक्शा के भीतर खड़े हो जाते हैं। जो एक या दो बच्चे बच जाते हैं उन्हें रिक्शा चालक अपनी गोद में बैठा लेता है। यह नजारा देखकर तो भ्रम तक हो जाता है कि रिक्शा को कौन चला रहा है, बच्चा या फिर ई-रिक्शा चालक। सीओ ने बताया कि जल्द ही यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बड़ौत में दिल्ली रोड़ पर पुलिस चौकी के सामने से गुजरता ओवरलोड गन्ने से लदा ट्रक।- फोटो : BARAUT