बागपत। नगर पालिका ने श्मशान घाट के नाम पर डेढ़ करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए। मगर न शौचालय पूरे बने तो अंतिम संस्कार स्थलों के लिंटर भी झुक गए। सोलर लाइटों से बैटरी तक गायब हो गई। पहले हॉल बनाकर पैसा खर्च दिखा दिया गया तो अब चारों तरफ से दीवार करके उसे बंद करा दिया। अब इसकी भी डीएम ने जांच शुरू करा दी है।
नगर पालिका ने यमुना पक्का घाट के पास करीब चार साल पहले श्मशान घाट का निर्माण कराया था। इसके लिए शासन से करीब सवा करोड़ रुपया मिला था, तो करीब 25 लाख रुपये नगरपालिका ने बाद में कार्य ज्यादा दिखाकर खर्च किया था। मगर वहां आज भी शौचालयों का निर्माण पूरा नहीं हुआ है और दीवारों को खड़ा करके छोड़ दिया है।
न प्लास्टर किया गया है और न पानी की टंकी लगाई गई है। वहां फव्वारा लगाने के लिए फाउंडेशन बना दिया गया, लेकिन वह आज भी अधूरा पड़ा है। लोगों के खड़े होने के लिए एक हॉल बनाया था और उसको चारों तरफ से दीवार करके बंद कर दिया। इस तरह से उस पर दोगुना पैसा खर्च कर दिया। अंतिम संस्कार स्थलों के लिंटर भी झुक गए हैं, जिनके गिरने से किसी भी वक्त हादसा हो सकता है।
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जिन कार्यों का भुगतान हुआ, वह भी अधूरे
श्मशान घाट का हाल देखने के लिए बृहस्पतिवार को सांसद प्रतिनिधि प्रदीप ठाकुर वहां पहुंचे। वहां निर्माण पर सवाल उठाया गया और नगर पालिका वालों पर आरोप लगाया कि जिन कार्यों का भुगतान किया है, वह भी पूरे नहीं कराए गए। इस तरह से घपला करने का आरोप लगाया। इस मामले में डीएम से शिकायत की गई, जिस पर जांच शुरू करा दी गई है। उनके साथ भाजपा नेता डॉ. विनय त्यागी भी रहे।
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पता कराया जाएगा
ईओ राजेश राणा का कहना है कि श्मशान घाट के निर्माण पर कितना रुपया खर्च हुआ है और वहां कार्य इतने साल बाद भी नहीं हुए हैं। इस बारे में पता कराया जाएगा और उसके बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
बागपत के पक्काघाट स्थित शमशान घाट में जर्जर हालत में अंत्योष्टि स्थल- फोटो : BAGHPAT