- कलक्ट्रेट सभागार में उद्योग बंधुओं की बैठक में जिलाधिकारी ने अफसरों को लगाई खूब फटकार
- उद्यमियों की समस्याओं का एक साल से नहीं हुआ समाधान, उद्योग विभाग भी बैठक कराने तक सीमित
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। कलक्ट्रेट सभागार में बृहस्पतिवार को उद्योग बंधुओं की बैठक में उद्यमियों की समस्याओं का पिछले एक साल से समाधान नहीं होने पर जिलाधिकारी भड़क गए। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने साफ कहा कि अधिकारी पहले की तरह खाना पीना बंद कर दें, नहीं तो वेतन भी बंद करा दूंगा। महीना पूरा होने पर मोबाइल फोन पर आने वाला वेतन का मैसेज भी बंद हो जाएगा। उद्योग विभाग भी पिछले एक साल से केवल बैठक कराकर खानापूर्ति कराने तक सीमित रहा है।
जिला उद्योग बंधु और निवेश मित्र पोर्टल की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने उद्यमियों की समस्याओं का निस्तारण करने के निर्देश दिए। बड़ौत में अमीनगर सराय रोड़ पर औद्योगिक क्षेत्र में हो रही चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही बागपत औद्योगिक क्षेत्र में निवाड़ा के वाहन खड़े होने पर नाराजगी जताई। जिलाधिकारी ने पुलिस और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही ट्रक चालकों पर की गई कार्रवाई का ब्योरा भी तलब किया।
इसके अलावा प्रदूषण विभाग की लंबित एनओसी के मामलों का जल्द निस्तारण करने और जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। वहीं निवेश मित्र योजना की समीक्षा में 567 आवेदन मिले, जिसमें 465 आवेदन पास हो गये, जबकि 25 निरस्त किए गए। इस दौरान बागपत इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव गोस्वामी, अश्वनी शर्मा, आशुतोष, एसके कुंडू, अंशु अग्रवाल, दीपक मानव, लोकेश कुमार समेत अन्य उद्यमी मौजूद रहे।
सही जवाब नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने लगाई फटकार
उद्योग बंधुओं ने मई माह में हुई बैठक में ईएसआईसी की व्यवस्था नहीं होने की शिकायत की थी। जिसके लाभ से जिले के 40 हजार से अधिक श्रमिक वंचित है। शिकायत का समाधान कराने की जिम्मेदारी उद्योग विभाग को दी गई थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। जिसपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों से जवाब मांगा। इस मामले में श्रम निरीक्षक सही जवाब नहीं दे सके तो उनको फटकार लगाई और सभी योजनाओं का लाभ श्रमिकों को दिलाने के निर्देश दिए।
वहीं पंड़ित दीनदयाल उपाध्याय उपादान योजना लागू नहीं होने की समस्या पर जिलाधिकारी ने जवाब मांगा। जहां खादी ग्रामोद्योग अधिकारी ने बजट का प्रस्ताव बनाकर भेजने की बात कहीं, लेकिन बजट के बारे में जानकारी नहीं दे पाये। जिस पर जिलाधिकारी ने रिपोर्ट तलब की और वेतन रोकने की चेतावनी दी।
डीसी जीएसटी की स्थिति खराब, डीएम हुए नाराज
बैठक में उद्यमियों की समस्या का समाधान कराने और रजिस्ट्रेशन कराने के मामले में डीसी जीएसटी की स्थिति खराब मिली। जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और सुधार लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने उद्यमी पोर्टल पर 25 जून तक 2500 से अधिक रजिस्ट्रेशन कराने के निर्देश दिए।
ये समस्याएं रह गई लंबित
उद्यामियों की फायर सेफ्टी के लिए पाइपलाइन से पानी पहुंचाने की समस्या का समाधान बृहस्पतिवार को भी नहीं हो पाया। उद्यमी अश्वनी शर्मा ने कहा कि पानी के बिल का भुगतान करने के बाद भी सुविधा नहीं दी गई। इसके अलावा बिजलीघर से हाईवे तक स्ट्रीट लाइटें ठीक कराने, यूपीसीडा की सीएफसी की बिल्डिंग की मरम्मत का कार्य पूर्ण कराने समेत कई समस्याएं लंबित रह गई।
पॉलीथिन का उत्पादन बंद कराने की मांग की
व्यापारी नेता नंदलाल डोगरा, संजय रूहेला, अमित अग्रवाल ने व्यापारियों की समस्या उठाई। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की टीम दुकानों पर छापामारी कर पॉलीथिन जब्त कर लेती है और दुकानदार पर जुर्माना भी लगाया जाता है। उन्होंने पॉलीथिन का उत्पादन बंद कराने की मांग की।
उद्यमी की हत्या में अन्य पर कार्रवाई की मांग
खेकड़ा कृषि यंत्र निर्माता एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। जिसमें नरेश चंद जैन ने बताया कि कुछ दिन पहले कस्बे में गंडासा फैक्टरी संचालक की हत्या के बाद से कारोबारी डरे हुए है। उन्होंने कहा कि फैक्टरी मालिक की हत्या के बाद लूटा गया धन और जेवर बरामद कराने की मांग की। उन्होंने जिलाधिकारी से हत्या के मुकदमे की निष्पक्ष जांच कराकर अन्य आरोपियों की भूमिका भी उजागर कराने की मांग की।