बागपत। ककड़ीपुर से नाला गांव के बीच की एक ही सड़क डेढ़ महीने में दो बार बनाए जाने पर लोनिवि व जिला पंचायत दोनों के अधिकारी फंसने लगे हैं। जिला पंचायत के अधिकारियों पर सड़क को केवल कागजों में बनाने का आरोप लगा है। डीएम ने उस सड़क में गड्ढों की जानकारी मांगी है, जिससे वहां से सड़क उखड़वाकर जांच कराई जा सके। वहीं, सड़क जिला पंचायत की होने के कारण एनओसी लिए बिना कार्य करने पर लोनिवि के अधिकारी फंस रहे हैं।
ककड़ीपुर से नाला गांव के बीच करीब 1200 मीटर सड़क के निर्माण में दो विभागों के खेल करने का खुलासा होने पर अधिकारियों में हड़कंप है। इस मामले में जिला पंचायत व लोनिवि के अधिकारी एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। वहीं, अब डीएम ने जिला पंचायत से यह जानकारी मांगी है कि सड़क बनाने से पहले जिला पंचायत ने यह जांच की होगी कि सड़क में किस-किस जगह कितने चौड़े गड्ढे हैं। अगर जिला पंचायत ने सड़क बनाई है तो उन स्थानों से बाद में बनी सड़क को उखड़वाकर देखा जाएगा कि पहले वहां सडक़ निर्माण हुआ है या नहीं। डीएम के पास शिकायत पहुंची है कि जिला पंचायत ने केवल कागजों में सड़क बनाई थी। वहीं, इस मामले में लोनिवि के अधिकारी भी फंस रहे हैं। उन्होंने जिला पंचायत से एनओसी के बिना सड़क बनाई है।
अफसरों के पास चक्कर लगा रहे जनप्रतिनिधि
एक सड़क को दो विभागों से बनाए जाने के मामले का खुलासा होने पर वहां के दोनों जनप्रतिनिधि परेशान हैं। वे अफसरों के बचाव में अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। हालांकि शासन के करीब आठ लाख रुपये बर्बाद किए गए हैं। इसमें पूरा खेल जिला पंचायत का बताया जा रहा है। वहीं, अफसरों ने दोनों जनप्रतिनिधियों को मामले में जांच कराकर कार्रवाई जरूर करने की बात कही है।
वर्जन
सड़क की जांच के लिए टीम लगाई हुई हैं और जिन स्थानों पर कागजों में गड्ढे दिखाए गए होंगे, वहां से सड़क उखड़वाकर जांच कराई जाएगी। इसके लिए जल्द ही वहां का निरीक्षण किया जाएगा।-राजकमल यादव, डीएम