संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिला विकास भवन के अधिकारी सुधरने के लिए तैयार नहीं हैं। वे कार्यालय भी समय पर नहीं पहुंच रहे हैं। हालात यह हैं कि जिन 23 अधिकारियों के कार्यालय हैं, उनमें से अधिकतर साढ़े दस बजे तक भी नहीं पहुंचते हैं। कई 11 बजे तक भी नदारद रहते हैं। वहां सोमवार को अधिकतर कार्यालय खाली पड़े रहने से फरियादी परेशान रहे। जबकि एक महीने पहले ही सीडीओ के निरीक्षण के दौरान नदारद मिलने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को चेतावनी दी गई थी।
ये साढ़े दस बजे तक नहीं पहुंचे
जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय में नहीं मिलीं। उनके कार्यालय में पेंशन की समस्या को लेकर काफी महिलाएं जरूर बैठी थीं। जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, जिला बचत अधिकारी, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के एक्सईएन, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी भी कार्यालय नहीं पहुंचे थे। पशुपालन विभाग के कार्यालय में कर्मचारी बातों में मशगूल मिले। वहां साढ़े दस बजे तक सफाई जारी थी।
अफसरों के इंतजार में बैठी रहीं महिलाएं
जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय के सामने काफी महिलाएं पेंशन की समस्या के समाधान के लिए बैठी रहीं। वहीं, अधिकारी नहीं पहुंची तो उन्होंने कर्मचारियों को ही समस्या बतानी मुनासिब समझी। ग्राम सोंटी निवासी राजो व शबनम ने बताया कि वे अधिकारी का इंतजार कर रही हैं। उनको पेंशन नहीं मिल रही है। जिसके लिए परेशान होना पड़ रहा है। राजेंद्री ने बताया कि वह पेंशन के लिए चक्कर काट रही है, लेकिन यहां अधिकारी नहीं मिलते हैं।
वर्जन
विकास भवन में पहले भी निरीक्षण कर नदारद रहने वाले अधिकारियों को चेतावनी दी थी। इसके बावजूद वे देरी से पहुंच रहे हैं या कार्यालय नहीं आ रहे हैं। उन सभी को नोटिस जारी किया जाएगा। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।-विद्यानाथ शुक्ल, मुख्य विकास अधिकारी
बागपत विकास भवन स्थित खाली पड़ी जिला कृषि अधिकारी की कुर्सी- फोटो : BAGHPAT
बागपत विकास भवन स्थित खाली पड़ी मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी की कुर्सी- फोटो : BAGHPAT
बागपत विकास भवन स्थित खाली पड़ी एआर कॉपरेटिव की कुर्सी- फोटो : BAGHPAT
बागपत विकास भवन में आपस में वार्ता करते कर्मचारी- फोटो : BAGHPAT